गोंडा।
गोंडा जिले के एक दिवसीय दौरे पर आए श्रीसीताराम पंचवटी चकाचक आश्रम के संचालक और विख्यात कथावाचक पंडित रविशंकर महाराज ने कई महत्वपूर्ण बयान दिये। उन्होंने बहराइच में गाजी सैय्यद सालार मसऊद की दरगाह को सूर्यकुंड बताते हुए इसे तत्काल ध्वस्त करने और हटाने की मांग की।
मीडिया से बात करते हुए पंडित रविशंकर ने कहा कि जिस प्रकार दरगाह मेले पर प्रतिबंध लगाया गया है, उसी तरह आक्रांता गाजी की यह कलंकित दरगाह भी हटाई जानी चाहिए।
बाबर की मस्जिद और राष्ट्र जागरूकता
उन्होंने पश्चिम बंगाल में बाबर के नाम पर मस्जिद की नींव रखने को निंदनीय बताया और कहा कि यह राष्ट्र के हिंदू जनमानस को जागृत होने का अवसर है। कथावाचक ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्मगुरु को किसी समुदाय से परहेज नहीं है, लेकिन आक्रांताओं के नाम पर मस्जिद की नींव रखना नई परंपरा का जन्म देने वाला और निंदनीय कार्य है।
उन्होंने बहराइच कांड में दोषियों को मिली सजा के लिए न्यायालय के फैसले का स्वागत किया और उत्तर प्रदेश सरकार की पैरवी की सराहना की।
घुसपैठ और धर्मांतरण पर चिंता
घुसपैठियों के मुद्दे पर पंडित रविशंकर महाराज ने कहा कि सरकार को देश की खुली सीमाओं पर घुसपैठ को सक्रियता से रोकना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी संस्थाओं को अनाधिकृत गैर-हिंदू परिवारों को उनके देश वापस भेजने का अभियान चलाना चाहिए।
विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ईसाई सिंडिकेट सक्रिय होकर गरीब हिंदू परिवारों का धर्मांतरण कर रहा है।
आश्रम की पहल और संस्कार शालाएं
पंडित रविशंकर ने बताया कि उनका आश्रम परिवार इन सीमावर्ती क्षेत्रों में संस्कार शालाएं संचालित कर रहा है, जिससे भटके हुए हिंदू परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
पंडित रविशंकर महाराज की मांग है कि आक्रांता गाजी की दरगाह को तत्काल हटाया जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय धर्मांतरण गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जाए। उनके अनुसार, यह कदम न केवल धार्मिक-सांस्कृतिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि हिंदू परिवारों की सुरक्षा और जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण है।



