गोंडा। गोंडा देवीपाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील ने मतदाता सूची की SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) प्रक्रिया में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मंडल के चारों जिलों के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 74 बूथों की भौतिक जांच के आदेश दिए हैं।
इस जांच के लिए कुल 18 अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी 5 दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे। जांच का दायरा निम्नलिखित विधानसभा क्षेत्रों में फैला है:
- गोंडा सदर विधानसभा: 22 बूथ
- बलरामपुर विधानसभा: 16 बूथ
- उतरौला विधानसभा: 16 बूथ
- बहराइच विधानसभा: 20 बूथ
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर मतदाता के घर का स्थलीय निरीक्षण करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने बताया कि इन बूथों पर बड़ी संख्या में मतदाता मृतक, शिफ्टेड या गैरहाजिर श्रेणी में पाए गए हैं। ऐसे मतदाता लोकसभा और विधानसभा की सूची से बाहर हो सकते हैं, इसलिए भौतिक सत्यापन आवश्यक है।
जांच के लिए जिम्मेदार अधिकारी
- गोंडा सदर विधानसभा: अपर आयुक्त प्रशासन, उपनिदेशक पंचायत, संयुक्त निदेशक कृषि, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), सहायक आयुक्त औषधि और खाद्य।
- बहराइच सदर विधानसभा: संयुक्त गन्ना आयुक्त, संभागीय खाद्य एवं विपणन अधिकारी, उपनिदेशक दिव्यांग एवं सशक्तिकरण, उपायुक्त आबकारी।
- उतरौला विधानसभा: उप महानिरीक्षक स्टांप, अपर निदेशक पशुपालन, अधीक्षण अभियंता नलकूप मंडल, उपश्रमायुक्त।
- बलरामपुर सदर विधानसभा: अधीक्षण अभियंता जलनिगम, आरईडी, उपनिदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण और समाज कल्याण।
जांच की प्रक्रिया
- सभी अधिकारी मंडलीय अधिकारी, प्रधान और बीएलओ के साथ मिलकर जांच करेंगे।
- जांच का मुख्य उद्देश्य है मृतक, शिफ्टेड और गैरहाजिर मतदाताओं की पहचान करना और उनका उचित वर्गीकरण करना।
- रिपोर्ट 19 दिसंबर तक कमिश्नर को सौंपनी होगी।
कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मृतक, शिफ्टेड और गैरहाजिर मतदाताओं का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि आगामी चुनावों में मतदाता सूची सटीक और विश्वसनीय हो।



