गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर हुई लापरवाही पर अब वित्त एवं लेखा अधिकारी (बेसिक) ने सख्त रुख अपनाया है। जिला वित्त एवं लेखा अधिकारी संजय चतुर्वेदी ने मामले को गंभीर मानते हुए लिपिक अरुण कुमार शुक्ला और लेखाकार सिद्धार्थ सिंह से लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 के वेतन भुगतान में चयन वेतनमान और अन्य भत्ते न जोड़ने के मामले में की गई है।
चयन वेतनमान न जुड़ने से शिक्षकों में नाराजगी
जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 माह के वेतन में परिषदीय शिक्षकों का चयन वेतनमान, मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य देय भत्ते जोड़कर भुगतान किया जाना था। बावजूद इसके कई शिक्षकों के वेतन का भुगतान अधूरा कर दिया गया। इससे आक्रोशित होकर शिक्षक संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने हाल ही में वित्त एवं लेखा विभाग (बेसिक शिक्षा) कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया था।
7 फरवरी तक भुगतान का दिया गया था आश्वासन
प्रदर्शन के बाद लेखाकार सिद्धार्थ सिंह सहित संबंधित कर्मचारियों ने लिखित रूप से 7 फरवरी तक चयन वेतनमान जोड़कर भुगतान करने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके निर्धारित समय तक सभी शिक्षकों का संशोधित भुगतान नहीं किया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
बिना सूचना अनुपस्थिति पर भी सवाल
जिला वित्त एवं लेखा अधिकारी संजय चतुर्वेदी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह स्थिति संबंधित कर्मचारियों द्वारा दायित्वों के समुचित निर्वहन में लापरवाही को दर्शाती है। इसके साथ ही 2 फरवरी को बिना किसी सूचना या अवकाश प्रार्थना पत्र के कार्यालय से अनुपस्थित रहने को लेकर भी दोनों से अलग से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
48 घंटे में जवाब नहीं तो होगी कार्रवाई
दोनों कर्मचारियों को दो दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
वित्त एवं लेखा अधिकारी संजय चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षकों के वेतन से जुड़ा मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना अवकाश स्वीकृति के कार्यालय से अनुपस्थित रहना भी गंभीर अनुशासनहीनता है। भविष्य में ऐसी स्थिति दोहराई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों के वेतन भुगतान में हुई लापरवाही पर वित्त एवं लेखा अधिकारी का यह सख्त कदम विभाग में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें संबंधित कर्मचारियों के स्पष्टीकरण और उस पर होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।



