20 साल बाद बदलेगा बिहार का नेतृत्व, NDA की बैठक के बाद सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर; कल शपथग्रहण

बिहार: की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव का दौर शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब राज्य को नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उनके शपथग्रहण का कार्यक्रम 15 अप्रैल को पटना के लोकभवन में आयोजित किया जाएगा।

मंगलवार को नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और राज्यपाल को औपचारिक रूप से यह सौंप दिया। इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी मौजूद रहे। तीनों नेता एक ही गाड़ी से राजभवन पहुंचे, जहां राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

नीतीश कुमार का भावुक संदेश

इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि अब नई सरकार राज्य का काम संभालेगी और उन्हें पूरा सहयोग व मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि 2005 से लेकर अब तक उन्होंने बिहार के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया।

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि के क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया।

कैसे तय हुआ नया नेतृत्व?

इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा और जदयू नेताओं की कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान और विनोद तावड़े पटना पहुंचे।

भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर चर्चा हुई, जिसमें सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति बन गई। इसके बाद NDA की बैठक में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की गई।

सम्राट चौधरी के समर्थन में नारे

जैसे ही सम्राट चौधरी भाजपा कार्यालय पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने “सम्राट चौधरी जिंदाबाद” के नारे लगाए। पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह साफ देखा गया और कार्यालय को फूलों व रोशनी से सजाया गया।

नीतीश युग का अंत

नीतीश कुमार करीब 20 वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनके इस्तीफे के साथ ही राज्य की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक में कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से काम किया और अब नई सरकार को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।

बैठक के दौरान कई मंत्री भावुक हो गए। रामकृपाल यादव जैसे नेता भी भावनात्मक नजर आए और उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना की।

नई सरकार से क्या उम्मीदें?

नई सरकार के गठन के साथ ही बिहार में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जदयू के बीच मंत्रालयों का बंटवारा भी लगभग तय हो चुका है, जिसमें दोनों दलों को बराबर हिस्सेदारी दी जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भाजपा राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत हो रही है। नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के बाद अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार राज्य को नई दिशा देने का प्रयास करेगी।

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