गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले स्थित नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय अंडर-17 ओपन नेशनल रैंकिंग महिला कुश्ती चैंपियनशिप का सोमवार को भव्य समापन हो गया। देशभर से आईं 500 से अधिक युवा महिला पहलवानों ने इस प्रतियोगिता में अपने दमखम का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में हरियाणा ने एक बार फिर भारतीय महिला कुश्ती में अपना दबदबा साबित कर दिया।
प्रतियोगिता के अंतिम दिन खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबलों के बाद हरियाणा ने 9 स्वर्ण, 7 रजत और 6 कांस्य पदक सहित कुल 22 पदक अपने नाम किए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ हरियाणा ने न केवल पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि महिला टीम रैंकिंग में भी 225 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया।
महाराष्ट्र ने 112 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि मेजबान उत्तर प्रदेश 60 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। पंजाब चौथे और राजस्थान पांचवें स्थान पर रहा।
प्रतियोगिता में 40 किलोग्राम भार वर्ग में हरियाणा की वंशिका ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार शुरुआत की। इसी वर्ग में दूसरी वंशिका ने रजत पदक हासिल किया। 43 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा की मानसी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि महाराष्ट्र की श्रावणी शरद शिंदे को रजत पदक मिला।
46 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा की चेष्टा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। 49 किलोग्राम वर्ग में जन्नत ने हरियाणा को एक और गोल्ड दिलाया। 53 किलोग्राम वर्ग में रूपांशी, 57 किलोग्राम वर्ग में निकिता सेहरावत, 61 किलोग्राम वर्ग में अवंशिका, 65 किलोग्राम वर्ग में निकिता तथा 69 किलोग्राम वर्ग में कीर्ति ने स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा की झोली में पदकों की बारिश कर दी।
73 किलोग्राम भार वर्ग में पंजाब की सुखदीप कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और अपने राज्य को गौरवान्वित किया।
इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आई युवा महिला पहलवानों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दर्शकों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

महिला टीम रैंकिंग में हरियाणा का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा। हरियाणा ने कुल 225 अंक अर्जित किए। महाराष्ट्र ने 112 अंक, उत्तर प्रदेश ने 60 अंक, पंजाब ने 55 अंक और राजस्थान ने 38 अंक हासिल किए।
समापन समारोह में भारतीय कुश्ती संघ से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में करण भूषण सिंह और संजय सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को पदक, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का बड़ा मंच प्रदान करती हैं। गोंडा में आयोजित इस प्रतियोगिता ने न केवल स्थानीय खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया, बल्कि देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक-दूसरे से सीखने का अवसर भी दिया।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा की लगातार सफलता यह दर्शाती है कि राज्य में कुश्ती को लेकर मजबूत खेल संरचना और प्रशिक्षण व्यवस्था मौजूद है। वहीं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को भी भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
गोंडा में आयोजित अंडर-17 ओपन नेशनल महिला कुश्ती चैंपियनशिप भारतीय महिला कुश्ती के भविष्य की झलक साबित हुई। हरियाणा ने 22 पदक जीतकर अपनी बादशाहत कायम रखी, जबकि अन्य राज्यों की युवा खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता भारतीय महिला कुश्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

