150 साल पुराने जलेश्वर नाथ मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली, गुंबद क्षतिग्रस्त; 25 श्रद्धालुओं की बाल-बाल बची जान

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले से सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। हायाघाट थाना क्षेत्र के होरलपट्टी गांव स्थित करीब 150 वर्ष पुराने ऐतिहासिक जलेश्वर नाथ महादेव मंदिर पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। तेज गर्जना के साथ गिरी बिजली से मंदिर का मुख्य गुंबद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मंदिर के भीतर मौजूद लगभग 25 श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह से ही क्षेत्र में तेज बारिश और मेघगर्जन का दौर जारी था। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ बिजली मंदिर के गुंबद पर गिरी। धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पूजा कर रहे थे श्रद्धालु

घटना के समय मंदिर परिसर में सुबह की आरती और पूजा-अर्चना चल रही थी। करीब 25 श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में जुटे थे। बिजली गिरते ही मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सौभाग्य से किसी श्रद्धालु को चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।

150 साल पुराना है मंदिर

ग्रामीणों के अनुसार जलेश्वर नाथ महादेव मंदिर का निर्माण दरभंगा राज परिवार की महारानी लक्ष्मेश्वरी देवी ने कराया था। लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने इस मंदिर का क्षेत्र में विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। यहां बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

श्रावण मास, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। मंदिर वर्षों से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

गुंबद को पहुंचा भारी नुकसान

आकाशीय बिजली सीधे मंदिर के गुंबद पर गिरी, जिससे उसके ऊपरी हिस्से में दरारें आ गईं और कई हिस्से टूटकर नीचे गिर गए। हालांकि मुख्य गर्भगृह और शिवलिंग को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि बिजली मंदिर के किसी अन्य हिस्से पर गिरती या भीड़ अधिक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

घटना के बाद ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन से मंदिर के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक धरोहर भी है, जिसकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि मंदिर परिसर में आधुनिक लाइटनिंग अरेस्टर (Lightning Arrester) लगाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

लगातार बारिश बनी वजह

मौसम विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों से दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश और मेघगर्जन हो रही है। मानसून के दौरान बिहार के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, ऊंची इमारतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। धार्मिक स्थलों सहित ऐतिहासिक इमारतों पर भी बिजली से सुरक्षा के आधुनिक उपकरण लगाए जाने की आवश्यकता है।

संरक्षण की मांग तेज

मंदिर के गुंबद के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों ने पुरातात्विक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इसके संरक्षण की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो यह ऐतिहासिक धरोहर और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है।

स्थानीय प्रशासन ने भी घटनास्थल का जायजा लेने और क्षति का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।

दरभंगा के ऐतिहासिक जलेश्वर नाथ महादेव मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने की घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को उजागर किया है। राहत की बात यह रही कि मंदिर में मौजूद सभी श्रद्धालु सुरक्षित बच गए। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि मंदिर के गुंबद की शीघ्र मरम्मत कर इसे सुरक्षित बनाया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक धरोहर के दर्शन कर सकें।

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