EPFO का बड़ा तोहफा! 15 जुलाई तक PF खाते में आएगा 8.25% ब्याज, नौकरी बदलने वालों के लिए भी बदले नियम

नई दिल्ली: देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 15 जुलाई तक पात्र सदस्यों के खातों में जमा कर दिया जाएगा।

सरकार के अनुसार, इस बार लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये की ब्याज राशि करोड़ों EPF खाताधारकों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इसके साथ ही EPFO ने अपना नया केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म CITES 2.01 लागू किया है, जिससे पीएफ और पेंशन से जुड़ी कई सेवाएं पहले से अधिक आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएंगी।

15 जुलाई तक खाते में दिखेगा ब्याज

श्रम मंत्रालय के अनुसार, 8.25 प्रतिशत ब्याज को ऑटो-प्रोसेसिंग तकनीक के माध्यम से सीधे खातों में जमा किया जा रहा है। जैसे ही क्षेत्रीय स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया पूरी होगी, सदस्यों की ऑनलाइन पासबुक में ब्याज की राशि दिखाई देने लगेगी।

पहले EPF ब्याज खातों में आने में कई महीने लग जाते थे और कई बार अक्टूबर या नवंबर तक इंतजार करना पड़ता था। लेकिन नए डिजिटल सिस्टम की वजह से इस प्रक्रिया में काफी तेजी आई है।

अब बैंक खाते की तरह मिलेगी PF सेवा

EPFO के नए CITES 2.01 सिस्टम के लागू होने के बाद पूरे देश का पीएफ डेटा एक केंद्रीकृत डेटाबेस में उपलब्ध होगा। पहले अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों का अलग रिकॉर्ड होता था, जिससे कई बार सेवाएं लेने में कठिनाई होती थी।

अब सदस्य देश के किसी भी हिस्से से—

  • पीएफ पासबुक देख सकेंगे।
  • क्लेम की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।
  • पेंशन रिकॉर्ड आसानी से एक्सेस कर सकेंगे।
  • एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से सभी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

इस बदलाव का उद्देश्य सेवाओं को तेज, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।

पेंशनधारकों को भी बड़ी राहत

नए सिस्टम के तहत Centralised Pension Payment System (CPPS) लागू किया गया है। इसके बाद पेंशनधारकों को केवल किसी एक बैंक शाखा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

अब देश के किसी भी बैंक खाते में पेंशन की राशि प्राप्त की जा सकेगी। इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलेगी, जिन्हें पहले पेंशन से जुड़ी औपचारिकताओं के लिए कई बार संबंधित बैंक शाखा या कार्यालय जाना पड़ता था।

नौकरी बदलने वालों के लिए खत्म हुआ बड़ा झंझट

EPFO ने नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए भी प्रक्रिया आसान कर दी है।

यदि कर्मचारी का UAN (Universal Account Number) आधार से लिंक है, तो नई नौकरी जॉइन करने पर पुराना पीएफ बैलेंस स्वतः (ऑटोमैटिक) नए खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। इसके लिए अलग से ट्रांसफर आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।

इस बदलाव से क्लेम लंबित रहने की समस्या कम होगी और कर्मचारियों का पीएफ रिकॉर्ड लगातार अपडेट होता रहेगा।

निकासी के नियम हुए आसान

EPFO ने पीएफ निकासी प्रक्रिया को भी सरल बनाया है।

पहले निकासी के लिए 13 अलग-अलग श्रेणियां थीं, जिन्हें अब घटाकर केवल तीन प्रमुख श्रेणियों में समेट दिया गया है—

  • आवश्यक जरूरतें (जैसे गंभीर बीमारी, शिक्षा और विवाह)
  • आवास संबंधी आवश्यकता
  • विशेष परिस्थितियां

नई व्यवस्था के तहत पात्र सदस्य अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, यदि वे निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।

ब्याज गणना में भी बदलाव

एक और महत्वपूर्ण बदलाव ब्याज की गणना को लेकर किया गया है।

अब अंतिम निपटान (Final Settlement) के दौरान ब्याज की गणना भुगतान स्वीकृति की तारीख तक की जाएगी। पहले ब्याज केवल पिछले महीने के अंतिम दिन तक ही जोड़ा जाता था। इससे सदस्यों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिल सकता है।

डिजिटल सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का कहना है कि नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से EPFO सेवाओं को अधिक आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जा रहा है। इससे क्लेम निपटान में तेजी आएगी, शिकायतें कम होंगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

EPFO द्वारा 8.25 प्रतिशत ब्याज खातों में जमा करने की प्रक्रिया शुरू होने और नए केंद्रीकृत डिजिटल सिस्टम के लागू होने से करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत मिलेगी। ऑटो पीएफ ट्रांसफर, देशभर में कहीं भी पेंशन प्राप्त करने की सुविधा और आसान निकासी जैसे बदलाव कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बनाएंगे।

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