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Delhi-NCR Pollution: दिल्ली की हवा में घुला जहर! इंडिया गेट का AQI 399, नौरोजी नगर में 416 पहुंचा आंकड़ा; नोएडा-गाजियाबाद में भी सांस लेना मुश्किल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा जहरीली होती जा रही है। गुरुवार, 5 नवंबर की सुबह इंडिया गेट के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 399 दर्ज किया गया। यह स्तर बेहद खराब श्रेणी की ऊपरी सीमा पर है। वहीं, दिल्ली के कुछ इलाकों में प्रदूषण इससे भी आगे निकल चुका है। नौरोजी नगर रिंग रोड पर AQI 416 दर्ज होने से स्थिति गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। नोएडा और गाजियाबाद में भी प्रदूषण का असर साफ दिखाई दे रहा है।

लगातार बिगड़ते हालात ने दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह और शाम के समय वातावरण में धुंध की मोटी परत दिखाई दे रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में लोगों को साफ हवा मिल पाएगी या प्रदूषण का संकट और गहरा जाएगा?

इंडिया गेट पर AQI 399, दिल्ली के कई इलाकों में स्थिति गंभीर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 5 नवंबर की सुबह के आंकड़ों के मुताबिक, इंडिया गेट के आसपास AQI 399 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है।

राजधानी के दूसरे इलाकों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। नौरोजी नगर रिंग रोड पर AQI 416 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में शामिल है। दिल्ली एम्स के आसपास भी हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं, आनंद विहार में AQI 296 दर्ज हुआ, जिसे खराब श्रेणी में रखा गया है।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदूषण का असर केवल किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी जहरीली हवा

दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। बुधवार को नोएडा का AQI 330 दर्ज किया गया, जिसके साथ यह एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा।

वहीं, ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 309 दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सुबह की सैर, खुले में व्यायाम और सामान्य आवाजाही के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रशासन ने निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों का उल्लंघन होने की शिकायतें सामने आई हैं।

गाजियाबाद में भी 300 के पार पहुंचा AQI

गाजियाबाद की हवा भी लोगों को राहत नहीं दे रही है। बुधवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार दर्ज किया गया।

प्रमुख इलाकों के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • लोनी: 304 AQI

  • वेव सिटी: 312 AQI

  • संजय नगर: 308 AQI

ये सभी आंकड़े बेहद खराब श्रेणी में आते हैं। गाजियाबाद में बढ़ते प्रदूषण का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष चिंता का विषय है।

दिल्ली में इंडिया गेट के आसपास वायु प्रदूषण और AQI 399, नौरोजी नगर में 416 के साथ दिल्ली एनसीआर में जहरीली हवा का दृश्य।
दिल्ली में इंडिया गेट के आसपास वायु प्रदूषण और AQI 399, नौरोजी नगर में 416 के साथ दिल्ली एनसीआर में जहरीली हवा का दृश्य।

आखिर क्यों बिगड़ रही है दिल्ली-एनसीआर की हवा?

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और खुले में कचरा जलाना प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

इसके अलावा पराली जलाने से निकलने वाला धुआं भी उत्तर भारत के कई हिस्सों की हवा को प्रभावित कर रहा है।

मौसम में बदलाव और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषण के सूक्ष्म कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं। हवा में नमी बढ़ने के साथ PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक निचले वायुमंडल में जमा होने लगते हैं। इससे धुंध और स्मॉग की परत मोटी हो जाती है।

5 से 20 नवंबर तक निर्माण गतिविधियों पर रोक

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश पर एनसीआर में 5 नवंबर से 20 नवंबर तक धूल पैदा करने वाली निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

इस दौरान खुले में निर्माण और तोड़फोड़ के काम नहीं किए जा सकेंगे। हालांकि रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, अस्पताल, जलापूर्ति, स्वच्छता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को निर्धारित छूट दी गई है।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नोटिस और जुर्माने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

इससे पहले प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण भी लागू किया जा चुका है।

अगले दो दिनों में और बिगड़ सकते हैं हालात

सबसे ज्यादा चिंता आने वाले दिनों को लेकर है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत संचालित वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 नवंबर को दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में रहने की आशंका है।

वहीं, 6 और 7 नवंबर को वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। इसके बाद के छह दिनों के पूर्वानुमान में भी प्रदूषण गंभीर श्रेणी में बने रहने की आशंका जताई गई है।

ऐसे में दिवाली से पहले प्रदूषण का संकट और बढ़ सकता है। त्योहार के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं पहले से खराब हवा को और नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

विशेषज्ञों की सामान्य स्वास्थ्य सलाह के अनुसार, प्रदूषण के इस स्तर पर लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।

  • सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।

  • खुले स्थानों पर दौड़ने और भारी व्यायाम करने से परहेज करें।

  • बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें।

  • बच्चों और बुजुर्गों को अधिक प्रदूषित वातावरण से दूर रखें।

  • सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या लगातार खांसी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

  • घर के अंदर भी धूल और धुएं से बचाव का ध्यान रखें।

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