संसद में भारी हंगामा! पेपर लीक से राम मंदिर चढ़ावा विवाद तक विपक्ष का बवाल, खड़गे बोले- बच्चों की आवाज दबा रही सरकार

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का पहला दिन राजनीतिक टकराव और तीखी नोकझोंक के नाम रहा। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने NEET पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया है। खड़गे ने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है।

लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामा

सुबह कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कई सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन में पहुंचे, जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

प्रियंका गांधी ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज क्यों किया गया, जबकि वे अपने भविष्य से जुड़े सवाल उठा रहे थे।

कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने भी कहा कि देशभर के लाखों छात्र और उनके परिवार परीक्षा प्रणाली को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय करने और संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

पीएम मोदी ने की सकारात्मक चर्चा की अपील

सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए सभी दलों से सकारात्मक और तथ्य आधारित चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और यहां सार्थक बहस के जरिए देशहित के मुद्दों पर समाधान निकलना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक प्रगति, ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक और विकास दर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार आगे बढ़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पेश

हंगामे के बीच कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने संबंधी संशोधन विधेयक पेश किया। प्रस्ताव के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।

विपक्ष का सरकार पर हमला जारी

विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार छात्रों, युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि सदन में व्यवधान पैदा करने के बजाय विपक्ष को नियमों के तहत चर्चा करनी चाहिए।

मानसून सत्र के पहले दिन जिस तरह का गतिरोध देखने को मिला, उससे आने वाले दिनों में भी संसद में तीखी राजनीतिक बहस और टकराव की संभावना बनी हुई है।

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