बस्ती। मंडल मुख्यालय से प्रकाशित प्रतिष्ठित दैनिक ‘भारतीय बस्ती’ का 48वां स्थापना दिवस सोमवार को प्रेस क्लब सभागार में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह के दौरान पत्रकारिता, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अनेक विभूतियों को सम्मानित किया गया। साथ ही “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) – वरदान या अभिशाप” विषय पर आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों, पत्रकारों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने विस्तृत विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री महेश शुक्ल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधुनिक युग की महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन इसका उपयोग हमेशा मानव हित और समाज के विकास के लिए होना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से अपील करते हुए कहा कि तकनीक को अपनाते समय मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक मूल्यों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

पत्रकारिता और समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान
समारोह में दैनिक भारतीय बस्ती के संस्थापक स्वर्गीय दिनेश चन्द्र पाण्डेय की स्मृति में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।
दिनेश सिंह, सरदार जगबीर सिंह, प्रवीण पाण्डेय और हरिश्चन्द्र अग्रवाल स्मृति सम्मान से मोहित पाण्डेय, सुरेन्द्र पाण्डेय और जितेन्द्र यादव को सम्मानित किया गया।
वहीं मो. इब्राहीम स्मृति सम्मान से रवीश मिश्र, वहीद खान और आदिल खान को सम्मानित किया गया। इसके अलावा हीरालाल गुप्ता स्मृति सम्मान सुभाष त्रिपाठी, संतोष सिंह और हरसरन कौर को प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने सम्मानित विभूतियों के योगदान की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
AI तकनीक पर विशेषज्ञों ने रखे अलग-अलग दृष्टिकोण
संगोष्ठी में विषय प्रवर्तन करते हुए कृष्ण गोपाल अग्रवाल और मानस श्रीवास्तव ने कहा कि AI तकनीक का उद्देश्य मानव की सहायता करना होना चाहिए, न कि उसकी चेतना और निर्णय क्षमता पर हावी होना। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में AI का उपयोग शोध, डेटा विश्लेषण और सूचना संग्रह के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय और संवेदनशीलता हमेशा मनुष्य के हाथ में रहनी चाहिए।
पूर्व विधायक दयाराम चौधरी ने भी अपने संबोधन में कहा कि मशीनें कभी भी मानवीय विवेक और संवेदना का स्थान नहीं ले सकतीं। इसलिए समाज को तकनीक का संतुलित उपयोग सीखना होगा।

पत्रकारिता में AI की भूमिका पर विशेष चर्चा
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में AI समाचार लेखन, वीडियो संपादन, डेटा विश्लेषण और तथ्य जुटाने जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से उपयोग हो रहा है। हालांकि इसके साथ फेक न्यूज, डीपफेक वीडियो और गलत सूचनाओं के प्रसार जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
वक्ताओं का मत था कि पत्रकारों को AI का उपयोग केवल सहायक तकनीक के रूप में करना चाहिए और हर समाचार का तथ्यात्मक सत्यापन अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
अनेक प्रमुख वक्ताओं ने साझा किए विचार
कार्यक्रम को भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र, सिद्धार्थ मिश्र, विनोद उपाध्याय, अरविन्द पाल, जयन्त मिश्र, कृष्णदेव मिश्र, गोपेश्वर त्रिपाठी, डॉ. सत्यव्रत, वागार्थ सांकृत्यायन, कौशल पाण्डेय, जगदीश शुक्ल, अशोक मिश्र, सर्वेष्ट मिश्र, सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’, अवधेश त्रिपाठी, योगेश शुक्ल, डा. वी.के. वर्मा, प्रेमशंकर ओझा, दशरथ प्रसाद यादव, भानू सिंह, आयुष शुक्ल, त्रिभुवन प्रसाद मिश्र सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
सभी वक्ताओं ने AI तकनीक के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि यदि इसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग किया जाए तो यह समाज, शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन और पत्रकारिता के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है।

बड़ी संख्या में पत्रकार और समाजसेवी रहे मौजूद
कार्यक्रम में संजय अग्रवाल, अरशद, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी, शिक्षाविद और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समारोह में उपस्थित लोगों ने दैनिक भारतीय बस्ती की 48 वर्षों की पत्रकारिता यात्रा की सराहना करते हुए भविष्य में भी निष्पक्ष और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता जारी रखने की शुभकामनाएं दीं।
आयोजकों ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।




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