सिक्किम टनल हादसे में मौत का आंकड़ा 10 पहुंचा, PM मोदी-शाह का बड़ा ऐलान; अंदर अब भी फंसे मजदूरों को लेकर रेस्क्यू जारी

गंगटोक/नामची। सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश मार्ग बंद हो जाने से कई मजदूर अंदर फंस गए। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 10 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

यह हादसा सोमवार दोपहर समरदुंग (झोलुंगे) क्षेत्र में उस समय हुआ, जब सुरंग के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर अचानक मीथेन गैस जमा होने और उसके बाद हुए भूस्खलन से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। कई मजदूर समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन बड़ी संख्या में श्रमिक अंदर ही फंस गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, आर्थिक सहायता का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस दुखद घटना से पूरा देश आहत है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी लिया हालात का जायजा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बातचीत कर राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री तमांग ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे बचाव अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी विभागों को समन्वय बनाकर तेजी से राहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

मीथेन गैस बनी सबसे बड़ी चुनौती

अधिकारियों के अनुसार सुरंग के भीतर मीथेन गैस की मात्रा अत्यधिक होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। गैस रिसाव की वजह से कई बचावकर्मियों को चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने की शिकायत हुई। कुछ कर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल भी भेजना पड़ा।

रेस्क्यू टीम गैस मास्क, विशेष सुरक्षा उपकरण और वेंटिलेशन सिस्टम की मदद से सुरंग के भीतर पहुंचने का प्रयास कर रही है। पश्चिम बंगाल से विशेष गैस-प्रोटेक्टिव उपकरणों से लैस विशेषज्ञ टीम भी अभियान में शामिल की गई है।

भारी बारिश और पानी भरने से बढ़ीं मुश्किलें

नामची की पुलिस अधीक्षक सोनम डोलमा ने बताया कि सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण सुरंग के भीतर पानी भर गया, जिससे राहत एवं बचाव अभियान कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। पानी निकालने के बाद दोबारा रेस्क्यू शुरू किया गया।

उन्होंने बताया कि अभी तक बरामद शवों में कई की पहचान हो चुकी है। मृतकों में पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, असम और सिक्किम के श्रमिक शामिल हैं, जबकि कुछ शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

फंसे लोगों की संख्या पर अब भी संशय

जिला प्रशासन के अनुसार सुरंग के भीतर कुल कितने लोग फंसे हैं, इसकी अंतिम पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। शुरुआती अनुमान 19 मजदूरों का था, लेकिन बाद में बचाव के लिए अंदर गए कर्मचारियों और एनएचपीसी के स्टाफ को मिलाकर संख्या लगभग 27 बताई जा रही है।

जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने कहा कि जब तक एनडीआरएफ की टीम अंदर फंसे लोगों तक नहीं पहुंच जाती, तब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकती। प्रशासन की पहली प्राथमिकता सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें मोर्चे पर

घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस तथा अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। मेडिकल टीमों, एंबुलेंस और आपदा विशेषज्ञों को भी मौके पर तैनात किया गया है।

विशेषज्ञ सुरंग के भीतर ऑक्सीजन की उपलब्धता, गैस के स्तर और संरचना की स्थिरता की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि बचाव अभियान के दौरान कोई नया खतरा पैदा न हो।

परिजनों की बढ़ी चिंता, प्रशासन ने की अपील

टनल के बाहर फंसे मजदूरों के परिजन लगातार राहत अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी और हादसे की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सिक्किम के नामची जिले में हुआ यह सुरंग हादसा देश के हालिया सबसे गंभीर औद्योगिक हादसों में से एक बन गया है। राहत एवं बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार जारी है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों प्रभावित परिवारों की सहायता तथा फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं। पूरे देश की निगाहें अब रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता पर टिकी हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top