रिपोर्ट: प्रकाश सिंह
नई दिल्ली: अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स में कांस्टेबल (GD) तथा राइफलमैन के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इस फैसले की जानकारी संसद में सरकार की ओर से साझा की गई।
सरकार का मानना है कि यह निर्णय अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को सेवा समाप्त होने के बाद बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा। इससे न केवल पूर्व अग्निवीरों को स्थायी करियर का विकल्प मिलेगा, बल्कि केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी जवान प्राप्त होंगे।
किन सुरक्षा बलों में मिलेगा आरक्षण?
नई व्यवस्था के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को निम्न केंद्रीय सुरक्षा बलों की सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा—
- सीमा सुरक्षा बल (BSF)
- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- सशस्त्र सीमा बल (SSB)
- असम राइफल्स
इन सभी बलों में कांस्टेबल (GD) और राइफलमैन पदों पर भर्ती के दौरान यह प्रावधान लागू रहेगा।
आयु सीमा और शारीरिक परीक्षा में भी राहत
सरकार ने केवल आरक्षण ही नहीं दिया है, बल्कि पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त सुविधाएं भी देने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) में भी नियमानुसार रियायत मिलेगी।
इसका उद्देश्य सेना में सेवा दे चुके युवाओं के अनुभव को उचित महत्व देना और उन्हें दूसरी सरकारी सेवाओं में आसानी से अवसर उपलब्ध कराना है।

अग्निपथ योजना के युवाओं के लिए बड़ा अवसर
अग्निपथ योजना लागू होने के बाद यह लगातार सवाल उठता रहा कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा। सरकार पहले भी विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की बात कह चुकी है।
अब CAPF और असम राइफल्स में 50 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे हजारों नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिल सकता है।
सुरक्षा बलों को मिलेगा प्रशिक्षित मानव संसाधन
विशेषज्ञों का मानना है कि सेना में प्रशिक्षित अग्निवीर पहले से ही अनुशासन, शारीरिक क्षमता और सुरक्षा संचालन का अनुभव रखते हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति से केंद्रीय सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता भी मजबूत होगी।
इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में प्रशिक्षण पर लगने वाला समय और संसाधन भी कम हो सकते हैं, क्योंकि पूर्व अग्निवीर पहले से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होंगे।
संसद में दी गई जानकारी
गृह मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया कि इस फैसले का उद्देश्य अग्निपथ योजना को और प्रभावी बनाना तथा सेवा पूरी करने वाले युवाओं को बेहतर भविष्य प्रदान करना है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश की सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार—दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
घोषणा के बाद देशभर के पूर्व अग्निवीरों और अग्निपथ योजना से जुड़े युवाओं में उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि आगामी CAPF और असम राइफल्स की भर्तियों में बड़ी संख्या में पूर्व अग्निवीर इस नीति का लाभ उठाकर केंद्रीय सुरक्षा बलों में अपनी सेवाएं देंगे
पूर्व अग्निवीरों को CAPF और असम राइफल्स की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का केंद्र सरकार का फैसला रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस निर्णय से सेना में सेवा पूरी करने वाले युवाओं को स्थायी करियर का नया विकल्प मिलेगा, जबकि केंद्रीय सुरक्षा बलों को प्रशिक्षित और अनुभवी जवान उपलब्ध होंगे। आने वाले समय में यह नीति अग्निपथ योजना की प्रभावशीलता को और मजबूत कर सकती है।



