‘बेटियां बदलेंगी भविष्य’… गोण्डा में छात्राओं को मिला बड़ा संदेश, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में बताई सफलता की नई राह

गोण्डा। महिलाओं और बेटियों को शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत गुरुवार को गोण्डा जिले के रुपईडीह स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महिला कल्याण विभाग के हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन की ओर से किया गया, जिसमें किशोरियों और महिलाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास, करियर निर्माण तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को यह समझाना था कि शिक्षा ही आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की सबसे मजबूत नींव है। विशेषज्ञों ने उन्हें अपने कौशल, प्रतिभा और रुचियों को पहचानकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अपनी प्रतिभा पहचानें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर शिवेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक बालिका और महिला के भीतर असीमित प्रतिभा और क्षमता मौजूद होती है। जरूरत केवल उसे पहचानने और सही दिशा में विकसित करने की है।

उन्होंने कहा कि समाज तेजी से बदल रहा है और आज महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में अवसर उपलब्ध हैं। यदि बेटियां अपने कौशल और रुचि के अनुसार मेहनत करें तो वे किसी भी क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं।

उन्होंने छात्राओं से आत्मविश्वास बनाए रखने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

हर क्षेत्र में बेटियों ने बनाई अपनी पहचान

कार्यक्रम में जेण्डर स्पेशलिस्ट ज्योत्स्ना सिंह ने कहा कि आज की बेटियां पारंपरिक सोच की सीमाओं को तोड़कर सफलता की नई इबारत लिख रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रशासनिक सेवाओं, पुलिस, न्यायपालिका, विज्ञान, साहित्य, चिकित्सा, खेल, व्यवसाय, सेना, विमानन और विदेश सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में महिलाएं अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की सामाजिक रूढ़ियों या भेदभाव से घबराने की आवश्यकता नहीं है। मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

सरकारी योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम के दौरान जेण्डर स्पेशलिस्ट राज कुमार आर्य ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थी निर्धारित शर्तों के आधार पर आवेदन कर इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने जिन प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी, उनमें शामिल हैं—

  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
  • निराश्रित महिला पेंशन योजना
  • महिला एवं बाल कल्याण विभाग की अन्य सहायता योजनाएं

उन्होंने छात्राओं एवं महिलाओं को समय पर आवेदन करने तथा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक रहने की सलाह दी।

शिक्षा से मिलेगा आत्मनिर्भर भारत का आधार

कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अधिकारियों ने भी छात्राओं को नियमित अध्ययन, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि जब बेटियां शिक्षित होंगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी परिवार, समाज और देश का समग्र विकास संभव होगा। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि आत्मसम्मान और सशक्त समाज की आधारशिला है।

विद्यालय परिवार की रही सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर विद्यालय की वार्डेन सरिता सिंह, पूर्णकालिक शिक्षिकाएं बृजेशलता, बीना चौधरी, रिचा, सविता जायसवाल, श्रुति पटेल तथा अकाउंटेंट रविनीश कुमार मिश्रा सहित विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विशेषज्ञों से कई प्रश्न पूछे और सरकारी योजनाओं, उच्च शिक्षा तथा करियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

महिला सशक्तिकरण से जुड़े इस आयोजन ने छात्राओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया तथा उन्हें अपने भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा दी।

गोण्डा में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्राओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बना। ऐसे कार्यक्रम समाज में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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