राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ट्रेन बीच सफर में हुई खराब! वाराणसी में बेगमपुरा एक्सप्रेस का इंजन फेल, लखनऊ पहुंचने में हुई देरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की रेल यात्रा बुधवार को उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब वाराणसी से लखनऊ आने वाली बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12237) तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। वाराणसी जंक्शन पर ट्रेन का इंजन फेल होने के कारण निर्धारित समय पर ट्रेन रवाना नहीं हो सकी और बाद में इंजन बदलने के बाद उसे आगे भेजा गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस का वाराणसी से निर्धारित प्रस्थान समय दोपहर 12:40 बजे था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन करीब 1:02 बजे रवाना हुई। इसके चलते आगे के स्टेशनों पर भी ट्रेन निर्धारित समय से देरी से पहुंची।

राज्यपाल ट्रेन से कर रही हैं यात्राएं

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल इन दिनों प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में भाग लेने के लिए रेल यात्रा को प्राथमिकता दे रही हैं। बताया जा रहा है कि वह ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अधिकतर सरकारी कार्यक्रमों में ट्रेन से यात्रा कर रही हैं।

उनकी यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर दिए गए संदेश के अनुरूप मानी जा रही है। इसी क्रम में वह वाराणसी और जौनपुर के कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद ट्रेन से लखनऊ लौट रही थीं।

वाराणसी स्टेशन पर आई तकनीकी समस्या

रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेन के रवाना होने से पहले इंजन में तकनीकी खराबी सामने आई। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे अधिकारियों ने तुरंत इंजन की जांच कराई। जब खराबी दूर नहीं हो सकी तो दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को रवाना किया गया।

हालांकि तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को कुछ देर तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद ट्रेन लगभग 22 मिनट की देरी से वाराणसी से रवाना हुई।

जौनपुर और सुल्तानपुर तक बढ़ा विलंब

वाराणसी से देरी से निकलने के बाद ट्रेन का समय पूरी तरह प्रभावित हुआ। जौनपुर सिटी और सुल्तानपुर जंक्शन पहुंचते-पहुंचते ट्रेन की देरी और बढ़ गई। इससे लखनऊ जाने वाले यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन को सुरक्षित तरीके से संचालित किया गया और यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया।

दीक्षांत समारोह में शामिल हुई थीं राज्यपाल

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थीं।

इससे पहले सोमवार को वह बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस से जौनपुर पहुंची थीं, जहां वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने 83 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक तथा 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियां प्रदान कीं।

जौनपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर भी उनकी ट्रेन निर्धारित समय से कुछ मिनट की देरी से पहुंची थी।

रेलवे ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता

रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि इंजन में किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी सामने आने पर ट्रेन को बिना जांच के आगे नहीं बढ़ाया जाता। ऐसी स्थिति में इंजन बदलना या उसकी मरम्मत करना सुरक्षा मानकों का हिस्सा है।

यही कारण रहा कि वाराणसी स्टेशन पर तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे बढ़ाया गया। इससे कुछ समय की देरी जरूर हुई, लेकिन संभावित बड़े हादसे की आशंका टल गई।

यात्रियों को हुई असुविधा

ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को निर्धारित समय से अधिक इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग यात्रा भी प्रभावित हुई। हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे नेटवर्क में समय-समय पर इस प्रकार की तकनीकी चुनौतियां सामने आती रहती हैं, लेकिन समय रहते उनका समाधान करना सबसे महत्वपूर्ण होता है।

रेल यात्रा को बढ़ावा देने की पहल

आनंदीबेन पटेल लगातार सरकारी कार्यक्रमों में रेल यात्रा को प्राथमिकता देकर सार्वजनिक परिवहन के उपयोग का संदेश भी दे रही हैं। पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और कार्बन उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से यह पहल चर्चा का विषय बनी हुई है।

हालांकि इस बार उनकी यात्रा के दौरान इंजन फेल होने की घटना ने रेलवे की तकनीकी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल रेलवे ने इस तकनीकी खराबी की जांच शुरू कर दी है।

वाराणसी से लखनऊ जा रही बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस का इंजन फेल होने से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की यात्रा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। रेलवे ने तत्काल इंजन बदलकर ट्रेन को रवाना किया और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। घटना के बाद रेलवे तकनीकी खराबी के कारणों की जांच कर रहा है, जबकि यात्रियों को हुई असुविधा के बावजूद किसी प्रकार की सुरक्षा संबंधी घटना सामने नहीं आई।

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