PM मोदी के विदेशी दौरों पर कितना हुआ खर्च? संसद में खुला पूरा हिसाब, सरकार ने बताया- इतने अरब डॉलर का आया FDI

प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी की वर्ष 2026 में हुई आधिकारिक विदेश यात्राओं को लेकर संसद में विस्तृत जानकारी साझा की गई है। सरकार ने फरवरी से जुलाई 2026 के बीच प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर हुए खर्च का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस अवधि में उन्होंने 13 देशों का दौरा किया, जिन पर कुल लगभग 74.5 करोड़ रुपये खर्च हुए।

सरकार ने यह भी कहा कि इन विदेश यात्राओं का उद्देश्य केवल कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करना नहीं था, बल्कि वैश्विक निवेशकों को भारत की ओर आकर्षित करना भी था। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत को 381.8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ।

13 देशों की यात्रा, 74.5 करोड़ रुपये खर्च

संसद में पेश दस्तावेजों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी से जुलाई 2026 के बीच एशिया, यूरोप, खाड़ी देशों और ओशिनिया क्षेत्र के कई देशों का दौरा किया।

इन दौरों पर कुल मिलाकर लगभग 74.5 करोड़ रुपये खर्च हुए। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ यात्राओं का खर्च अभी प्रोविजनल (अस्थायी) है और अंतिम बिल मिलने के बाद आंकड़ों में मामूली बदलाव संभव है।

किस देश पर कितना खर्च हुआ?

सरकार द्वारा संसद में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार विभिन्न देशों की यात्राओं पर अनुमानित खर्च इस प्रकार रहा—

देश अनुमानित खर्च
मलेशिया ₹5.57 करोड़
इजरायल ₹11.92 करोड़
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ₹1.97 करोड़
नीदरलैंड ₹3.60 करोड़
स्वीडन ₹6.33 करोड़
नॉर्वे ₹17.46 करोड़
इटली ₹4.23 करोड़
स्लोवाक रिपब्लिक ₹4.77 करोड़
सेशेल्स ₹8.22 करोड़
इंडोनेशिया ₹3.87 करोड़
ऑस्ट्रेलिया ₹1.18 करोड़
न्यूजीलैंड ₹5.43 करोड़

सरकार के अनुसार, नॉर्वे का दौरा सबसे अधिक खर्च वाला रहा, जबकि फ्रांस यात्रा के अंतिम बिल अभी प्रक्रिया में होने के कारण उन्हें इस सूची में शामिल नहीं किया गया।

सरकार ने FDI को बताया बड़ी उपलब्धि

संसद में सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री की आर्थिक कूटनीति और विभिन्न देशों के साथ बढ़ते सहयोग का सकारात्मक असर भारत में विदेशी निवेश पर भी देखने को मिला है।

सरकार के अनुसार, अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत में 381.8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया।

सरकार का कहना है कि वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति, निवेश-अनुकूल माहौल और विभिन्न देशों के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों ने विदेशी निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विदेश यात्राओं का उद्देश्य क्या था?

सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का उद्देश्य केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना नहीं था।

इन दौरों के प्रमुख उद्देश्य थे—

  • रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना।
  • व्यापार और निवेश बढ़ाना।
  • वैश्विक कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना।
  • नई तकनीक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना।
  • ऊर्जा, रक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना।

सरकार का कहना है कि इन प्रयासों के कारण भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बना हुआ है।

खर्च के आंकड़े अभी अंतिम नहीं

संसदीय दस्तावेजों में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई विदेश यात्राओं से जुड़े होटल, सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय परिवहन और अन्य सेवाओं के अंतिम बिल अभी प्राप्त नहीं हुए हैं।

इस कारण कुछ खर्चों को प्रोविजनल श्रेणी में रखा गया है और अंतिम भुगतान के बाद कुल राशि में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

राजनीतिक और आर्थिक महत्व

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं अक्सर राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

जहां एक ओर इन दौरों के माध्यम से विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत करने की कोशिश होती है, वहीं दूसरी ओर निवेश, व्यापार, तकनीकी सहयोग और वैश्विक साझेदारी जैसे विषयों पर भी समझौते किए जाते हैं।

सरकार का कहना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत में निवेशकों का विश्वास बना हुआ है और विदेशी पूंजी का प्रवाह लगातार जारी है।

हालांकि, इन आंकड़ों की राजनीतिक और आर्थिक व्याख्या विभिन्न पक्ष अपने-अपने दृष्टिकोण से करते हैं। संसद में प्रस्तुत जानकारी सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है।

संसद में पेश रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी से जुलाई 2026 के बीच 13 देशों की आधिकारिक यात्राएं कीं, जिन पर लगभग 74.5 करोड़ रुपये खर्च हुए। सरकार का कहना है कि इन विदेश दौरों के जरिए भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई और 381.8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करने में आर्थिक कूटनीति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुछ यात्राओं के खर्च अभी अंतिम रूप में नहीं हैं और अंतिम बिल आने के बाद उनमें बदलाव संभव है।

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