वडोदरा में PM मोदी का कांग्रेस पर बड़ा तंज! बोले- ‘भारत के विकास से कभी खुश नहीं हो सकते कुछ लोग’, ‘नाराज फूफा’ पर फिर घेरा

गुजरात: के वडोदरा में आयोजित ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की तकनीक को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमला बोला और विपक्ष पर विकास कार्यों को लेकर नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उनका उद्देश्य भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को और तेज करना है। उन्होंने कहा कि वह इसी लक्ष्य के साथ लोगों के बीच पहुंचे हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत हुआ। आयोजकों के अनुसार, ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू होने के करीब एक घंटे के भीतर कार्यक्रम की सभी सीटें बुक हो गई थीं।

कार्यक्रम में संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। इस दौरान लोकप्रिय गीत ‘We Will Rock You’ समेत अन्य प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बनाया।

‘विकसित भारत की यात्रा को और तेज करने आया हूं’

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह विकसित भारत की यात्रा को तेज करने के उद्देश्य से लोगों के बीच आए हैं। उन्होंने वडोदरा में विकास से जुड़ी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने वडोदरा के लोगों की स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विकास के उत्सव के दौरान शहर के नागरिकों ने जिस सेवा भावना के साथ स्वच्छता अभियान में भाग लिया, वह प्रशंसनीय है।

कांग्रेस पर फिर ‘नाराज फूफा’ वाला तंज

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि “कुछ लोग भारत के विकास से कभी खुश नहीं हो सकते।” इसी संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस के लिए एक बार फिर ‘नाराज फूफा’ वाली राजनीतिक उपमा का इस्तेमाल किया।

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि पिछली UPA सरकार के दौरान विकास की गति धीमी रही, जबकि मौजूदा सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से जुड़े कार्यों को गति दी है।

उन्होंने फ्रेट कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ी है और किसानों तथा कारोबार से जुड़े लोगों को भी इसका फायदा मिल रहा है।

डबल कंटेनर ट्रेन का जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मुंबई के JNPT से चलने वाली डबल-कंटेनर मालगाड़ी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से बड़ी मात्रा में सामान कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकता है।

पीएम मोदी ने इसी उदाहरण के जरिए परिवहन व्यवस्था में बदलाव की बात कही। उन्होंने कहा कि जब माल ढुलाई की क्षमता बढ़ती है तो सड़क परिवहन पर भी दबाव कम किया जा सकता है और देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होती है।

इसी दौरान उन्होंने ‘नाराज फूफा’ वाली टिप्पणी करते हुए विपक्ष की संभावित आपत्तियों पर तंज कसा और कहा कि विकास को केवल पुराने तौर-तरीकों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

‘चिप से शिप तक’ का दावा

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में अब तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम हो रहा है। उन्होंने ‘चिप से शिप तक’ निर्माण क्षमता विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।

उन्होंने पिछली सरकारों के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए शौचालय निर्माण का भी उदाहरण दिया। पीएम मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने विकास की गति को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया है।

AI सुपरपावर बनने के लिए इकोसिस्टम पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को AI की ताकत में अग्रणी देश बनाने के लिए व्यापक इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरी कच्चे माल, रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित मानव संसाधन की भी आवश्यकता होगी।

पीएम मोदी ने यूरेनियम और रेयर अर्थ मटेरियल की उपलब्धता बढ़ाने तथा युवाओं की स्किल ट्रेनिंग और अपग्रेडेशन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि युवाओं को नई तकनीकों और जरूरतों के अनुरूप अपनी स्किल विकसित करनी होगी।

विकास के साथ कौशल पर सरकार का फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भारत की ताकत उसके युवाओं की क्षमता और कौशल से तय होगी। इसलिए सरकार का जोर स्किल डेवलपमेंट और युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने पर है।

वडोदरा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन विकसित भारत के लक्ष्य, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे कनेक्टिविटी, मैन्युफैक्चरिंग और AI जैसे क्षेत्रों के इर्द-गिर्द रहा। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक तंज कसते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि देश में हो रहे विकास कार्यों का विरोध करने के बजाय उन्हें व्यापक नजरिए से देखा जाना चाहिए।

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