गोंडा। बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के बाद गोंडा से लेकर लखनऊ तक सियासी हलचल तेज हो गई है। मृतक के परिजनों और समर्थकों में जहां घटना को लेकर आक्रोश है, वहीं नेताओं के पहुंचने के दौरान भी माहौल तनावपूर्ण नजर आया। इसी बीच कर्नलगंज विधायक अजय सिंह के मौके पर पहुंचने पर कुछ लोगों द्वारा ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए जाने का मामला चर्चा में आ गया।
विनोद साहनी की मौत के बाद उनके परिवार और समर्थकों की ओर से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। इसी बीच विधायक अजय सिंह जब वहां पहुंचे तो विरोध में नारेबाजी शुरू हो गई। आखिर लोगों ने विधायक के सामने ही विरोध क्यों जताया और इसके पीछे क्या नाराजगी थी, यह सवाल अब पूरे मामले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विनोद साहनी की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
जानकारी के मुताबिक, विनोद कुमार साहनी बुधवार रात अपनी दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट करने के बाद धारदार हथियारों से हमला किया।
गंभीर रूप से घायल विनोद को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार और समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामले में दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की।
विधायक अजय सिंह के पहुंचने पर क्या हुआ?
घटना के बाद जब कर्नलगंज विधायक अजय सिंह वहां पहुंचे तो माहौल अचानक गर्म हो गया। मौजूद कुछ लोगों ने विधायक के सामने ही ‘वापस जाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
नारेबाजी के पीछे लोगों की नाराजगी को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मुख्य मांग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को न्याय और मामले में सख्त कार्रवाई की बताई जा रही है।
हालांकि, विधायक के खिलाफ नारेबाजी करने वाले सभी लोगों की पहचान और उनकी व्यक्तिगत वजहों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे लेकर सामने आने वाले दावों को जांच और प्रत्यक्ष जानकारी के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज
विनोद साहनी हत्याकांड अब राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। लखनऊ में केजीएमयू के शवगृह के बाहर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद समेत कई नेताओं ने धरना दिया और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की।
संजय निषाद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार को मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा देने जैसी मांगें रखीं।
वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद आरोपियों में से शुभम उर्फ गोलू सिंह और सुभाष सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
शुरुआती जांच में पुलिस ने विवाद की वजह सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर हुई रंजिश बताई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सोशल मीडिया विवाद किस तरह हिंसक घटना में बदला और वारदात में कौन-कौन लोग सीधे तौर पर शामिल थे।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्यों हुआ विधायक का विरोध?
विनोद साहनी हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई के साथ अब राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। ऐसे में विधायक अजय सिंह के पहुंचने पर हुई नारेबाजी ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
लोगों का विरोध किस विशेष मुद्दे को लेकर था, क्या यह केवल तत्काल आक्रोश था या इसके पीछे कोई राजनीतिक अथवा स्थानीय वजह भी थी, यह तस्वीर आगे और साफ हो सकती है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर नजर बनी हुई है। दूसरी ओर, अजय सिंह के खिलाफ हुई नारेबाजी ने इस पूरे मामले में एक नया राजनीतिक सवाल खड़ा कर दिया है।



