हिजाब पर पवन खेड़ा के ट्वीट से मचा बवाल, शहजाद पूनावाला बोले- मोदी को घेरने चले थे, कर दिया ‘सेल्फ गोल’

नई दिल्ली। हिजाब को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के मीडिया विभाग से जुड़े नेता पवन खेड़ा की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने तीखा हमला बोला है। पूनावाला का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की कोशिश में कांग्रेस की पोस्ट का संदेश उल्टा पड़ गया और पार्टी ने खुद ही “सेल्फ गोल” कर लिया।

पूनावाला ने दावा किया कि जिस पोस्ट में “हिजाब” शब्द का इस्तेमाल किया गया, उसे लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस लंबे समय से हिजाब को महिलाओं की पसंद, पहचान और गरिमा से जोड़कर अपनी राय रखती रही है, लेकिन मौजूदा पोस्ट की भाषा और संदर्भ को लेकर अब राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।

इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। भाजपा इसे कांग्रेस की कथित राजनीतिक भूल बता रही है, जबकि विवाद का केंद्र पवन खेड़ा की उस पोस्ट के अर्थ और उसके राजनीतिक संदेश को लेकर बना हुआ है।

‘मोदी को टारगेट करने चले थे, सेल्फ गोल कर दिया’

शहजाद पूनावाला ने अपने बयान में कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को घेरने के प्रयास में पार्टी ने अपने ही पुराने रुख को सवालों के घेरे में ला दिया।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने सरकार की आलोचना करने के लिए जिस तरह से “हिजाब” शब्द का इस्तेमाल किया, उससे पार्टी की अपनी राजनीतिक स्थिति पर ही बहस छिड़ गई।

पूनावाला के अनुसार, कांग्रेस पहले हिजाब को महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद और पहचान से जुड़ा विषय बताती रही है। ऐसे में अब उसी शब्द को किसी चीज को ढंकने या छिपाने के संदर्भ में इस्तेमाल करने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

भाजपा नेता ने इसे कांग्रेस का “सेल्फ गोल” बताते हुए कहा कि पार्टी को अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के शब्दों और उनके संभावित अर्थों पर अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी।

गंदगी, गरीबी और टूटी सड़कों के संदर्भ पर विवाद

विवाद की शुरुआत उस पोस्ट से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें गंदगी, गरीबी और टूटी-फूटी सड़कों जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा गया था।

शहजाद पूनावाला ने इसी संदर्भ को हिजाब शब्द से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि यदि हिजाब को किसी ऐसी चीज के रूप में पेश किया जा रहा है, जिससे कोई अप्रिय दृश्य छिपाया जाए, तो इससे शब्द के सामाजिक और धार्मिक संदर्भ पर भी बहस हो सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पोस्ट का यह संदर्भ उसकी पहले की राजनीतिक और वैचारिक स्थिति से मेल नहीं खाता।

हालांकि, राजनीतिक बयानबाजी के बीच किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट के अर्थ को अलग-अलग लोग अलग संदर्भ में देख सकते हैं। यही वजह है कि इस विवाद में पोस्ट की भाषा, संदर्भ और उसके पीछे के राजनीतिक संदेश को लेकर बहस तेज हो गई है।

कुरान के जिक्र का मुद्दा भी उठाया

पूनावाला ने अपने बयान में हिजाब के धार्मिक संदर्भ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के एक हिस्से के लिए हिजाब धार्मिक और व्यक्तिगत पहचान से जुड़ा विषय है और इस कारण शब्द के इस्तेमाल को लेकर संवेदनशीलता जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने जिस शब्दावली का इस्तेमाल किया, उस पर पार्टी को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

भाजपा नेता ने दावा किया कि यदि किसी राजनीतिक टिप्पणी में धार्मिक या व्यक्तिगत पहचान से जुड़े प्रतीकों का उपयोग किसी दूसरे संदर्भ में किया जाता है, तो उससे गलतफहमी और विवाद पैदा हो सकता है।

पूनावाला ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री और सरकार की आलोचना के प्रयास में अपने ही समर्थक वर्गों के बीच सवाल खड़े कर दिए।

2010 कॉमनवेल्थ गेम्स का भी किया जिक्र

अपने बयान में शहजाद पूनावाला ने वर्ष 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी कुछ तस्वीरों और उस समय की व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि किसी जगह की कमियों या अव्यवस्थाओं को पर्दे या ढकने की व्यवस्था के जरिए छिपाया जाता है, तो क्या उसे भी उसी शब्दावली से जोड़ा जाएगा, जिस शब्द का इस्तेमाल मौजूदा राजनीतिक पोस्ट में किया गया।

इस टिप्पणी के जरिए पूनावाला ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल और मौजूदा राजनीतिक आलोचना के बीच तुलना करने की कोशिश की।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अक्सर भाजपा सरकार पर हमला करने के लिए तीखी शब्दावली का इस्तेमाल करती है, लेकिन कई बार वही भाषा राजनीतिक रूप से पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर देती है।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

देश में सोशल मीडिया अब राजनीतिक बहस का एक बड़ा मंच बन चुका है। नेताओं की छोटी-सी पोस्ट, तस्वीर या एक शब्द भी कई बार बड़े विवाद का कारण बन जाता है।

इस मामले में भी हिजाब जैसे संवेदनशील और पहचान से जुड़े विषय का राजनीतिक संदर्भ में इस्तेमाल होने के कारण बहस और तेज हो गई।

एक तरफ भाजपा कांग्रेस पर अपने ही रुख से विरोधाभास का आरोप लगा रही है, जबकि दूसरी तरफ इस विवाद का पूरा केंद्र पवन खेड़ा की पोस्ट के संदर्भ और उसकी व्याख्या पर टिका हुआ है।

राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस या पवन खेड़ा की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं।

‘सेल्फ गोल’ वाले बयान से सियासत गर्म

शहजाद पूनावाला का “सेल्फ गोल” वाला बयान अब इस पूरे विवाद की सबसे चर्चित टिप्पणी बन गया है। भाजपा इसे कांग्रेस की राजनीतिक चूक के रूप में पेश कर रही है।

वहीं, ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर पोस्ट की पूरी भाषा और संदर्भ को समझना भी महत्वपूर्ण होता है। राजनीतिक बयान अक्सर विरोधियों के आरोपों और समर्थकों की व्याख्याओं के बीच अलग-अलग अर्थ ले लेते हैं।

फिलहाल, हिजाब शब्द के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ यह विवाद कांग्रेस और भाजपा के बीच एक और सियासी टकराव में बदल गया है।

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