पानीपत (विशेष संवाददाता)। पूर्वांचल समाज, जिला पानीपत की ओर से पूर्वांचल भवन, गणेश कॉलोनी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के आध्यात्मिक मार्गदर्शन, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक उत्थान से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसी दौरान समाज की ओर से दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने की घोषणा की गई।
बैठक में श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट के संस्थापक एवं सचिव श्रद्धेय श्री शिवाधर दुबे जी को ‘संत शिरोमणि’ पद से अलंकृत किया गया। वहीं, पीठाधीश्वर श्री परशुराम जी महाराज को पीठाधीश्वर के दायित्व की जिम्मेदारी सौंपी गई। आयोजकों के अनुसार ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।

संत शिवाधर दुबे को सम्मान, समाज ने जताया विश्वास
कार्यक्रम के दौरान शिवाधर दुबे जी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर पूर्वांचल समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संतों के मार्गदर्शन को समाज की एकजुटता और सामाजिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
‘संत शिरोमणि’ पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद श्रद्धेय शिवाधर दुबे जी ने पूर्वांचल समाज और जिलाध्यक्ष उमाशंकर राय की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाज की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे केवल सम्मान नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी से जुड़ा दायित्व बताया।
उन्होंने कहा कि पानीपत जैसी कर्मभूमि में अपनी सांस्कृतिक जड़ों और धार्मिक मूल्यों को संभालते हुए समाज की निस्वार्थ सेवा करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
‘साधु चरित शुभ चरित कपासू…’ का किया उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान श्रद्धेय शिवाधर दुबे जी ने रामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई—
“साधु चरित शुभ चरित कपासू। निरस बिसद गुनमय फल जासू॥”
का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रति समर्पण और निस्वार्थ सेवा की भावना को आगे बढ़ाना आवश्यक है। उनके अनुसार, पूर्वांचल समाज की ओर से दिया गया यह सम्मान सिर्फ किसी पद की औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक पवित्र जिम्मेदारी है।
उन्होंने जिलाध्यक्ष उमाशंकर राय और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए अपना आशीर्वाद दिया और समाजहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की कामना की।

धर्म और समाज के उत्थान को लेकर आगे की दिशा पर चर्चा
बैठक में समाज के आध्यात्मिक एवं सामाजिक विकास को लेकर भी चर्चा हुई। आयोजकों का कहना है कि संतों के मार्गदर्शन में समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
पूर्वांचल समाज के जिलाध्यक्ष उमाशंकर राय ने कहा कि संतों के सान्निध्य और मार्गदर्शन से पानीपत जिले में समाजसेवा एवं जनकल्याण के कार्यों को नई दिशा मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि समाज का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद लोगों तक सहायता और सकारात्मक संदेश पहुंचे तथा समाज के परिवारों के बीच आपसी सहयोग और एकजुटता मजबूत हो।
‘हर परिवार तक पहुंचे सुख-शांति का संदेश’
उमाशंकर राय के अनुसार, संतों का मार्गदर्शन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्वांचल समाज के पदाधिकारी और सदस्य मिलकर सामाजिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों को और व्यापक रूप देंगे।

कार्यक्रम में गणमान्य सदस्य और पदाधिकारी रहे मौजूद
पूर्वांचल भवन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्वांचल समाज के अनेक गणमान्य सदस्य, पदाधिकारी और धर्मप्रेमी बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त दायित्वों को लेकर उपस्थित लोगों ने शुभकामनाएं दीं।
बैठक का मुख्य संदेश समाज की एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और संतों के मार्गदर्शन में सामाजिक सेवा को आगे बढ़ाने का रहा। आयोजकों ने भविष्य में भी समाजहित से जुड़े कार्यक्रमों और गतिविधियों को जारी रखने की बात कही।



