Delhi Citizen March: राजधानी दिल्ली में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को एक बार फिर प्रदर्शन और मार्च को लेकर हलचल बढ़ने वाली है। इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च निकालने का कार्यक्रम तय किया गया है। इस मार्च में सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों के लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। आयोजकों का कहना है कि मार्च के जरिए SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को सामने रखा जाएगा।
प्रस्तावित मार्च का नेतृत्व ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की ओर से किए जाने की जानकारी है। कार्यक्रम के अनुसार मार्च दोपहर 3 बजे इंडिया गेट से शुरू होकर जंतर-मंतर की ओर जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों के सदस्यों के इसमें शामिल होने की बात सामने आई है।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
इस मार्च का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर उठाई जा रही चिंताएं हैं। प्रदर्शन से जुड़े संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम प्रभावित हुए हैं और इससे पात्र मतदाताओं के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये प्रदर्शनकारियों और आयोजकों की ओर से उठाई गई आपत्तियां हैं। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में अंतिम स्थिति आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित प्राधिकरणों की जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट होती है।
दिल्ली में SIR की प्रक्रिया को लेकर पहले भी प्रदर्शन हो चुके हैं। शनिवार को भी जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शनकारियों को रोकने और हिरासत में लेने की घटनाएं सामने आई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, अलग-अलग राजनीतिक, छात्र और नागरिक समूह इस मुद्दे पर विरोध दर्ज करा रहे हैं।

जंतर-मंतर पर पहले से सुरक्षा का घेरा
रविवार के मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हैं। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। इसके तहत बिना अनुमति भीड़ जुटाने, जुलूस, प्रदर्शन, धरना और कुछ अन्य गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। रिपोर्ट के अनुसार कनॉट प्लेस, जय सिंह रोड, जीपीओ और संसद मार्ग समेत महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। करीब 4,000 पुलिसकर्मियों, जिनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान भी शामिल हैं, की तैनाती की जानकारी सामने आई है। निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
ऐसे में रविवार के मार्च के दौरान इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक जाने वाले मार्ग पर यातायात और आवाजाही प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पहले भी हुईं हिरासतें
यह मार्च ऐसे समय प्रस्तावित है जब दिल्ली में इसी मुद्दे को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने से रोकने के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
इन घटनाओं में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई लोगों के हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी।
दिल्ली पुलिस ने इस सिलसिले में अलग-अलग धाराओं के तहत FIR भी दर्ज की हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई सार्वजनिक व्यवस्था और प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन से जुड़े प्रावधानों के तहत हुई।
इंडिया गेट से जंतर-मंतर क्यों?
इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक का प्रस्तावित मार्च सिर्फ एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने का कार्यक्रम नहीं है। यह राजधानी के उस हिस्से में आयोजित किया जा रहा है जहां लंबे समय से सार्वजनिक प्रदर्शन और नागरिक मुद्दों को लेकर गतिविधियां होती रही हैं।
जंतर-मंतर दिल्ली का प्रमुख निर्धारित प्रदर्शन स्थल रहा है। हालांकि बड़े प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से प्रतिबंध भी लगाए जाते रहे हैं।
रविवार के मार्च को लेकर भी यही सबसे बड़ा सवाल है कि प्रस्तावित भीड़ किस तरह जंतर-मंतर तक पहुंचती है और पुलिस की बैरिकेडिंग के बीच प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति कैसी रहती है।
आगे क्या होगा?
आयोजकों की ओर से दोपहर 3 बजे इंडिया गेट से मार्च शुरू करने की घोषणा की गई है। दूसरी ओर, दिल्ली में पहले से लागू प्रतिबंधात्मक आदेश और जंतर-मंतर के आसपास कड़ी सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र SIR और मतदाता सूची को लेकर उठाए जा रहे सवाल हैं। आने वाले समय में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक स्पष्टीकरण और अदालतों में चल रही कार्यवाही से इस विवाद के कई पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल रविवार के नागरिक मार्च पर सभी की नजर है। इंडिया गेट से जंतर-मंतर की ओर बढ़ने वाला यह मार्च राजधानी में पिछले कुछ दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों की अगली कड़ी माना जा रहा है।



