पानीपत में रेल सुविधाओं पर क्यों भड़का पूर्वांचल समाज? रेल मंत्री के सामने रखीं 6 बड़ी मांगें, बोले- चुनाव नहीं 365 दिन चाहिए सुविधा

पानीपत। हरियाणा की औद्योगिक नगरी पानीपत में रहने वाले पूर्वांचल और सर्व समाज के लोगों ने रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर आवाज उठाई है। सामाजिक संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों की ओर से रेल मंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पानीपत जंक्शन से उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल और बिहार के लिए बेहतर एवं नियमित रेल कनेक्टिविटी की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पानीपत में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश और बिहार से आए श्रमिक, कर्मचारी, कारोबारी और अन्य परिवार रहते हैं। त्योहारों और पारिवारिक अवसरों पर जब ये लोग अपने गांव-शहर की ओर यात्रा करते हैं, तब पर्याप्त ट्रेनों और सीटों की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन जाती है।

त्योहारों के समय बढ़ जाती है यात्रियों की परेशानी

पूर्वांचल समाज का कहना है कि छठ पूजा, दीपावली और होली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान पानीपत रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार जाने के लिए रेलवे पर निर्भर रहते हैं।

ज्ञापन में दावा किया गया है कि ऐसे समय में ट्रेनों की सीमित उपलब्धता के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों के लिए लंबी और भीड़भाड़ वाली यात्रा परेशानी का कारण बनती है।

समाज की ओर से मांग की गई है कि त्योहारों पर अस्थायी इंतजाम के साथ-साथ पूरे वर्ष नियमित रेल सुविधाओं को मजबूत किया जाए।


चुनाव के समय ही क्यों बढ़े ट्रेनें? उठाया सवाल

ज्ञापन में सबसे प्रमुख सवाल यह उठाया गया है कि त्योहारों या चुनावी समय में अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जाती है, लेकिन सामान्य दिनों में यात्रियों को पर्याप्त विकल्प नहीं मिलते।

पूर्वांचल समाज ने कहा कि पानीपत में रहने वाला मेहनतकश वर्ग केवल चुनाव के समय महत्वपूर्ण नहीं है। इन यात्रियों को साल के 365 दिन सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक रेल यात्रा मिलनी चाहिए।

ज्ञापन में इसी मुद्दे को लेकर सरकार और रेल प्रशासन से दीर्घकालिक समाधान की मांग की गई है।

गरीब रथ के ठहराव की प्रमुख मांग

समाज की छह प्रमुख मांगों में गरीब रथ एक्सप्रेस का पानीपत जंक्शन पर ठहराव शामिल है। प्रतिनिधियों का कहना है कि गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए किफायती रेल विकल्प महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में पानीपत में इसका ठहराव यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

इसके अलावा पूर्वांचल और बिहार जाने वाली ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के डिब्बों की संख्या बढ़ाने की मांग भी रखी गई है।

बिहार के लिए दो नई नियमित ट्रेनें चलाने की मांग

ज्ञापन में पानीपत से बिहार के लिए कम से कम दो नई नियमित सीधी ट्रेनों के संचालन की मांग की गई है।

प्रस्तावित कनेक्टिविटी में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और वाराणसी/गोरखपुर जैसे प्रमुख मार्गों को जोड़ने की मांग रखी गई है। समाज का कहना है कि इससे पानीपत में रहने वाले बिहार और पूर्वांचल के लोगों को अपने गृह क्षेत्र तक पहुंचने में सुविधा होगी।

पुरुषोत्तम और शहीद एक्सप्रेस को लेकर भी मांग

रेल मंत्रालय के समक्ष पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के संचालन को पानीपत से शुरू करने तथा शहीद एक्सप्रेस को पानीपत के रास्ते चलाने की मांग रखी गई है।

इसके साथ ही दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का पानीपत जंक्शन पर ठहराव दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

शहीदी स्मारक पर एकत्र हुआ समाज

ज्ञापन के अनुसार, पूर्वांचल समाज, श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट और अन्य प्रबुद्ध नागरिकों ने लघु सचिवालय स्थित शहीदी स्मारक पर अमर शहीदों को नमन किया। इसके बाद सरकार और रेल प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं।

ट्रस्ट के संस्थापक एवं सचिव स्वामी श्री गुरु शिवाधर दुबे महाराज जी ने कहा कि यात्रियों की परेशानी दूर करना जनसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सरकार से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

“पानीपत की तरक्की में पूर्वांचल के लोगों का बड़ा योगदान”

पूर्वांचल समाज के जिला प्रधान उमाशंकर राय ने कहा कि पानीपत में पूर्वांचल के लोगों ने मेहनत और श्रम के जरिए शहर के विकास में योगदान दिया है। उनका कहना है कि जब यही लोग त्योहारों पर अपने घर जाने के लिए निकलते हैं, तो रेल यात्रा की समस्या उनके सामने खड़ी हो जाती है।

उन्होंने कहा कि यह ज्ञापन किसी के विरोध में नहीं, बल्कि सम्मानजनक और सुगम यात्रा व्यवस्था की मांग है।

वहीं, भाजपा नेत्री एवं पूर्व पूर्वांचल प्रकोष्ठ संयोजक मधु शुक्ला तथा वरिष्ठ समाजसेवियों मनोज सिंह और अमित सिंह ने भी नियमित और सुलभ रेल सेवा की आवश्यकता पर जोर दिया।

सरकार से तत्काल निर्णय की अपील

पूर्वांचल समाज की ओर से रेल मंत्री से अपील की गई है कि इन छह मांगों को केवल त्योहार या चुनाव के समय की आवश्यकता न मानते हुए स्थायी रेल व्यवस्था के रूप में देखा जाए।

समाज का कहना है कि पानीपत देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यहां काम करने वाले लाखों लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना जनहित के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

पूर्वांचल समाज की 6 प्रमुख मांगें

  1. गरीब रथ एक्सप्रेस का पानीपत जंक्शन पर ठहराव।
  2. छठ, दिवाली और होली के साथ पूरे वर्ष पूर्वांचल-बिहार के लिए बेहतर ट्रेन व्यवस्था।
  3. पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को पानीपत से शुरू करने और शहीद एक्सप्रेस को पानीपत के रास्ते चलाने की मांग।
  4. बिहार के लिए कम से कम दो नई नियमित सीधी ट्रेनों का संचालन।
  5. दिल्ली-कटरा वंदे भारत का पानीपत जंक्शन पर ठहराव।
  6. पूर्वांचल जाने वाली ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के डिब्बों की संख्या बढ़ाना।

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