बाराबंकी: पेड़ पर लटके मिले प्रेमी युगल के शव, अलग-अलग समुदाय के थे युवक और युवती, गांव में मचा हड़कंप

बाराबंकी :उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। अलग-अलग समुदाय से ताल्लुक रखने वाले प्रेमी युगल ने कथित रूप से सामाजिक और पारिवारिक दबाव के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बिहुरा गांव की है, जिसने पूरे क्षेत्र में शोक और सनसनी का माहौल पैदा कर दिया है।


????‍????‍???? चार साल का प्रेम, पर मंजिल नहीं मिली

  • मृतक युवक सूरज (21), पहाड़पुर गांव का निवासी था।

  • युवती निशा बानो (18), पास के ही बिहुरा गांव से थी।

  • दोनों पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध में थे।

  • सामाजिक व धार्मिक भिन्नताओं के चलते परिवारों ने रिश्ते को नहीं स्वीकारा।

  • कुछ दिन पहले भागे थे, लेकिन परिजनों ने दबाव में वापस बुला लिया।


???? तीन महीने पहले सूरज की हुई थी शादी

  • सूरज के परिजनों ने जनवरी 2025 में उसकी शादी कर दी थी।

  • उसकी पत्नी ने बुधवार रात 2 बजे सूरज के लापता होने की सूचना दी थी।

  • परिजन पूरी रात तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।


???? गुरुवार सुबह खेत में पेड़ से लटके मिले शव

  • गुरुवार सुबह गांव वालों ने आम के पेड़ से दो शव लटके देखे।

  • दुपट्टा और गमछा जोड़कर फंदा बनाया गया था।

  • शवों की पहचान सूरज और निशा के रूप में हुई।

  • घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


????‍♂️ पुलिस जांच में जुटी, हर एंगल से हो रही पड़ताल

  • कोतवाल डीके सिंह ने बताया कि

“पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी, सभी एंगल से जांच जारी है।”

  • पुलिस को शक है कि आत्महत्या से पहले दोनों ने योजना बनाई होगी, लेकिन संदेहास्पद परिस्थिति के चलते हर पहलू की जांच की जा रही है।


???? नवविवाहिता पत्नी सदमे में, गांव में पसरा मातम

  • सूरज की पत्नी, जिसकी शादी को केवल तीन महीने हुए, गहरे सदमे में है।

  • मेहंदी का रंग अभी भी हाथों में है, लेकिन जीवन में अंधकार छा गया है।

  • गांव में शोक की लहर है, हर कोई मौन और स्तब्ध है।


???? निष्कर्ष

बाराबंकी की यह दर्दनाक घटना सामाजिक और धार्मिक दीवारों के खिलाफ एक कठोर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है।
क्या प्रेम करना अपराध है? क्या समाज अब भी दो इंसानों की मर्जी से ज्यादा अपनी बनावट को प्राथमिकता देता है?

इस आत्महत्या ने सिर्फ दो जिंदगियां ही नहीं छीनीं, बल्कि समाज के उस चेहरे को भी उजागर किया है, जो प्रेम को समझने में अब भी नाकाम है।

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