अजमेर, राजस्थान। राजस्थान के अजमेर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर सचिन थापन की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 17 से 18 दिनों से उसके भूख हड़ताल पर होने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम के बाद जेल प्रशासन और चिकित्सकों की निगरानी में उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर ध्यान दिया जा रहा है।
मामले में एक तरफ लंबे समय से भोजन नहीं करने की बात सामने आई है, तो दूसरी तरफ जेल में अपने दो साथियों को एक ही बैरक में रखने की कथित मांग को लेकर विवाद की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, भूख हड़ताल के कारणों और उपचार को लेकर सामने आई अलग-अलग जानकारियों को समझना जरूरी है।
18 दिनों से भूख हड़ताल की जानकारी, फिर बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, सचिन थापन पिछले करीब 17–18 दिनों से भूख हड़ताल पर था। इसके बाद उसकी तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जेएलएन अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी स्थिति का आकलन किया और उपचार के लिए भर्ती किया।
लंबे समय तक भोजन नहीं करना स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय निगरानी जरूरी होती है, क्योंकि शरीर में कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि सचिन थापन उपचार कराने से इनकार कर रहा था। हालांकि, उसकी वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति, उपचार के प्रति उसके मौजूदा रुख और स्वास्थ्य में सुधार को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
आखिर क्यों शुरू हुई भूख हड़ताल?
इस पूरे मामले में जेल के भीतर की परिस्थितियां भी चर्चा में हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, सचिन थापन ने अपने दो अन्य साथियों को उसी बैरक में रखने की मौखिक मांग की थी, जिसमें वह खुद बंद है।
जेल प्रशासन के अनुसार, संबंधित मांग को लेकर कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। जेल अधिकारियों की ओर से यह भी बताया गया कि दोनों कैदियों को एक ही बैरक में रखने की मांग सुरक्षा नियमों के लिहाज से स्वीकार नहीं की जा सकती।
रिपोर्टों में यह जानकारी भी सामने आई है कि जिन दो कैदियों को साथ रखने की मांग की गई थी, उन पर बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे और टाइल्स क्षतिग्रस्त करने के आरोप हैं। इस मामले में कानूनी और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने कथित मांग स्वीकार नहीं की।
हालांकि, भूख हड़ताल के पीछे की परिस्थितियों को लेकर सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसलिए इस मांग को लेकर सामने आई जानकारी को जेल प्रशासन से संबंधित विवरण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

पहले भी अस्पताल लाया गया था सचिन थापन
सचिन थापन को इससे पहले 7 अक्टूबर को भी उपचार के लिए जेएलएन अस्पताल लाए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब 21 अक्टूबर को तबीयत बिगड़ने के बाद उसे दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस बार अस्पताल में भर्ती किए जाने के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। संवेदनशील आपराधिक मामलों में आरोपी को अस्पताल ले जाते समय सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है, ताकि मरीज को चिकित्सा सुविधा मिल सके और किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।
अस्पताल प्रशासन की ओर से भी उसके भर्ती होने और उपचार से संबंधित जानकारी दी गई। फिलहाल उसकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत निष्कर्ष निकालने के लिए चिकित्सकीय जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
कौन है सचिन थापन?
सचिन थापन को सचिन बिश्नोई के नाम से भी जाना जाता है। उसका नाम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आरोपी के रूप में सामने आया था। वह लॉरेंस बिश्नोई का भांजा बताया जाता है और गंभीर आपराधिक मामलों के कारण अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच में सचिन थापन की कथित भूमिका को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। हालांकि, किसी आरोपी के संबंध में आरोपों और अदालत में साबित हुए अपराध के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों का अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
अब स्वास्थ्य और जेल प्रशासन की स्थिति पर नजर
सचिन थापन की अस्पताल में भर्ती होने की घटना के बाद अब सबसे अहम सवाल उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर है। लंबे समय तक भोजन नहीं करने की जानकारी और उपचार को लेकर सामने आई खबरों के बीच चिकित्सकीय देखरेख महत्वपूर्ण है।
दूसरी ओर, जेल प्रशासन के सामने सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है। कैदियों को रखने से जुड़े निर्णय जेल की सुरक्षा व्यवस्था और लागू नियमों के अनुसार किए जाते हैं।
फिलहाल सचिन थापन के स्वास्थ्य में सुधार, उपचार को लेकर उसके रुख और भूख हड़ताल के संबंध में आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है। इन सवालों पर स्पष्ट जानकारी संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगी।



