एशियन पैरा गेम्स में सोलाईराज धर्मराज का गोल्डन धमाका, लॉन्ग जंप में जीता स्वर्ण; भाविककुमार को रजत

नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के चौथे दिन, 22 अक्टूबर को भारत के खाते में कई महत्वपूर्ण पदक आए। पैरा तीरंदाजी में शीतल देवी ने दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, जबकि सुवर्णा राज ने महिला डिस्कस थ्रो में गोल्ड हासिल किया। स्वाति चौधरी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया।

भारतीय खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों ने प्रतियोगिता में देश की स्थिति को मजबूत किया है। पैरा बैडमिंटन और पैरा टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए। ऐसे में प्रतियोगिता के चौथे दिन का प्रदर्शन भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा।

शीतल देवी ने दो स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

भारत की पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा, तोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी गोल्ड हासिल किया।

एक ही दिन दो स्वर्ण पदक जीतना भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि रही। शीतल देवी की सफलता उनके लगातार अभ्यास, तकनीक और प्रतियोगिता के दौरान दिखाए गए आत्मविश्वास को दर्शाती है।

शीतल देवी अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनका प्रदर्शन उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

उनकी इस उपलब्धि से भारतीय तीरंदाजी दल को महत्वपूर्ण बढ़त मिली और देश के स्वर्ण पदकों की संख्या में इजाफा हुआ।

सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में जीता गोल्ड

पैरा एथलेटिक्स में सुवर्णा राज ने महिला डिस्कस थ्रो की F54 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस सफलता ने भारत के शानदार दिन को और खास बना दिया।

पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों से ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। अलग-अलग स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल करके देश की पदक संख्या बढ़ाई है।

डिस्कस थ्रो जैसी स्पर्धाओं में तकनीक, संतुलन, ताकत और निरंतर अभ्यास महत्वपूर्ण होते हैं। सुवर्णा राज की उपलब्धि भारतीय पैरा खेलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दिखाती है।

स्वाति चौधरी ने जीता रजत पदक

पैरा तीरंदाजी में स्वाति चौधरी ने महिला W1 स्पर्धा के स्वर्ण पदक मुकाबले में हिस्सा लिया। चीन की सेन मेंगकान के खिलाफ मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और उन्होंने रजत पदक हासिल किया।

रजत पदक के साथ स्वाति ने भारत की पदक संख्या में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, स्वर्ण पदक से चूकना निराशाजनक हो सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक जीतना भी बड़ी उपलब्धि है।

भारतीय खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अलग-अलग खेलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके यह दिखाया है कि देश का पैरा खेल दल कई स्पर्धाओं में मजबूत चुनौती पेश कर रहा है।

पैरा बैडमिंटन में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन

चौथे दिन पैरा बैडमिंटन में भी भारत को कई पदक मिले। मिश्रित युगल और एकल स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मुकाबले खेले।

प्रमोद भगत और मनीषा रामदास की जोड़ी ने मिश्रित युगल SL3-SU5 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। कृष्णा नागर और नित्या श्री सुमति सिवन की जोड़ी ने मिश्रित युगल SH6 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

पुरुष एकल SL4 स्पर्धा में सुहास यथिराज और अभिजीत सुखुजा ने भी कांस्य पदक हासिल किए। महिला एकल SL3 में संजना कुमारी ने कांस्य पदक जीता।

इन उपलब्धियों ने भारत के पदक खाते को और मजबूत किया। पैरा बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता देश में इस खेल की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों की तैयारी को दर्शाती है।

भारत की पदक तालिका में कितने पदक?

22 अक्टूबर को उपलब्ध नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने कुल 73 पदक हासिल किए थे। इनमें 17 स्वर्ण, 23 रजत और 33 कांस्य पदक शामिल थे।

भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर था। चीन पहले स्थान पर बना हुआ था, जबकि जापान, उज्बेकिस्तान और दक्षिण कोरिया भी शीर्ष स्थानों की दौड़ में शामिल थे।

भारत के लिए पैरा एथलेटिक्स सबसे सफल खेलों में रहा। इस स्पर्धा में देश ने 43 पदक जीते, जिनमें 14 स्वर्ण, 13 रजत और 16 कांस्य पदक शामिल थे।

पैरा तीरंदाजी में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल किए। पैरा बैडमिंटन, पैरा तैराकी, पैरा शूटिंग, पैरा जूडो और पैरा टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते।

ध्यान रहे कि प्रतियोगिता की लाइव पदक तालिका मुकाबलों के नतीजों के साथ बदलती रहती है। इसलिए प्रकाशित खबर में पदकों की संख्या और देश की रैंकिंग को अपडेट के समय के अनुसार स्पष्ट करना जरूरी है।

भारत के लिए आगे भी पदक जीतने के अवसर

एशियन पैरा गेम्स में अभी कई स्पर्धाओं के नतीजे भारतीय दल की पदक संख्या को प्रभावित कर सकते हैं। पैरा एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, तैराकी और टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी देश की उम्मीदों को बनाए हुए है।

आगामी मुकाबलों में खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह तय करेगा कि भारत अपनी पदक संख्या में कितना इजाफा कर पाता है। हालांकि, प्रतियोगिता में पदकों की संख्या के साथ खिलाड़ियों की मेहनत, निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

भारत के पैरा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से यह संदेश दे रहे हैं कि उचित प्रशिक्षण, अवसर और मेहनत के दम पर खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

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