हिमाचल प्रदेश: के सरकारी कर्मचारियों के लिए दीपावली के आसपास बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसकी दर 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों की नजर अब नवंबर में मिलने वाली सैलरी पर टिकी है। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान अक्टूबर 2026 के वेतन के साथ किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसका लाभ कर्मचारियों को नवंबर में मिलने वाले वेतन में दिखाई दे सकता है।
इस फैसले से जुड़े आदेश के अनुसार, नई दर लागू होने के साथ कर्मचारियों के वेतन की गणना में बदलाव होगा। हालांकि, हर कर्मचारी की सैलरी में रुपये के हिसाब से कितनी बढ़ोतरी होगी, यह उसके मूल वेतन और लागू सेवा नियमों पर निर्भर करेगा। ऐसे में कर्मचारियों के लिए केवल DA का प्रतिशत जानना ही नहीं, बल्कि अपनी वेतन पर्ची में मूल वेतन और भत्ते की गणना को समझना भी जरूरी है।
DA 45% से बढ़कर 50% हुआ, क्या है पूरा मामला?
हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को जारी ज्ञापन में महंगाई भत्ते की दर बढ़ाने की जानकारी दी गई है। इसके तहत DA को मौजूदा 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया है। इस तरह कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में कुल 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के असर से कुछ राहत देने के उद्देश्य से दिया जाता है। रोजमर्रा की जरूरतों, घरेलू खर्चों और दूसरी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बदलाव के बीच DA में बढ़ोतरी कर्मचारियों की कुल वेतन राशि को प्रभावित करती है।
नई दर लागू होने से कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता उनके मूल वेतन के आधार पर निर्धारित होगा। इसलिए दो कर्मचारियों का मूल वेतन अलग-अलग होने पर उनके DA में मिलने वाली अतिरिक्त रकम भी अलग हो सकती है।
नवंबर की सैलरी में कब मिलेगा बढ़ा हुआ पैसा?
कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बढ़े हुए DA का पैसा खाते में कब आएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2026 के वेतन के साथ बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान किया जाना है। अक्टूबर का वेतन नवंबर में मिलने पर कर्मचारियों को बढ़ी हुई दर का लाभ दिखाई दे सकता है।
हालांकि, वास्तविक भुगतान की तारीख संबंधित विभाग की वेतन प्रक्रिया और आधिकारिक निर्देशों के अनुसार तय होगी। इसलिए कर्मचारियों को अपने विभाग की ओर से जारी सूचना और वेतन पर्ची पर ध्यान देना चाहिए।
यदि वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी दिखाई नहीं देती, तो कर्मचारी अपने विभाग के आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) या संबंधित वेतन शाखा से जानकारी ले सकते हैं।
किन कर्मचारियों को मिलेगा DA बढ़ोतरी का लाभ?
जारी आदेश से जुड़ी जानकारी के अनुसार, यह व्यवस्था हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2022 के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों पर लागू होती है। इसके अलावा ऑल इंडिया सर्विसेज यानी IAS और IPS अधिकारियों तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को भी इसके दायरे में शामिल बताया गया है।
हालांकि, किसी कर्मचारी पर आदेश किस तरह लागू होगा, यह उसके सेवा वर्ग, वेतनमान और संबंधित नियमों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए कर्मचारियों को अपने विभाग से इसकी पुष्टि करनी चाहिए।

पुराने DA एरियर पर क्या है अपडेट?
इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू पुराने बकाये यानी एरियर से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, DA बढ़ोतरी को दो अलग-अलग अवधियों से जोड़ा गया है। पहली बढ़ोतरी 1 जुलाई 2023 से 1 प्रतिशत और दूसरी बढ़ोतरी 1 जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत बताई गई है।
इन अवधियों से लेकर 30 सितंबर 2026 तक के बकाये का भुगतान किस तरीके से किया जाएगा, इसे लेकर अलग आदेश जारी होना है। यानी कर्मचारियों को एरियर की गणना और भुगतान की पूरी प्रक्रिया जानने के लिए सरकार के अगले निर्देशों का इंतजार करना होगा।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि बढ़ी हुई DA दर और पुराने एरियर का भुगतान दो अलग विषय हैं। नई दर के अनुसार वेतन में भुगतान की व्यवस्था की जानकारी सामने आई है, लेकिन पुराने बकाये के भुगतान की तारीख और तरीका अलग सरकारी आदेश से स्पष्ट होगा।
कर्मचारियों को अब किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
DA बढ़ोतरी का लाभ सही तरीके से समझने के लिए कर्मचारियों को तीन महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना चाहिए। पहली, अपने मूल वेतन के आधार पर 50 प्रतिशत DA की गणना को समझें। दूसरी, नवंबर में मिलने वाली वेतन पर्ची में नई दर लागू हुई है या नहीं, इसकी जांच करें। तीसरी, पुराने एरियर को लेकर अलग आदेश जारी होने पर उसकी शर्तों और भुगतान प्रक्रिया को ध्यान से पढ़ें।
वेतन की गणना में रुपये के अंश से जुड़े नियम भी लागू होंगे। उपलब्ध आदेश संबंधी जानकारी के अनुसार, 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूरे रुपये में बदला जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा।



