लखनऊ : उत्तर प्रदेश में शनिवार को मौसम ने करवट ली और पश्चिम से पूरब तक आंधी व बारिश ने कहर ढाया। इस बेमौसम बरसात और तेज हवाओं के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। खासकर खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल तथा आम के बौर को गंभीर क्षति पहुंची है।
????️ 75 किमी प्रति घंटे तक चली हवाएं, मेरठ में 62 मिमी बारिश
राज्य के कई जिलों में झोंकेदार हवाएं और बूंदाबांदी देखने को मिली। मुरादाबाद में हवाओं की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जबकि राजधानी लखनऊ में धूल भरी आंधी चली। मौसम विभाग के अनुसार, मेरठ में सर्वाधिक 62 मिमी और सीतापुर में 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
???? इन जिलों में हुई बारिश
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बूंदाबांदी और तेज हवाएं: बस्ती, अयोध्या, बलरामपुर, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी
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कम असर: आगरा, बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह बदलाव हुआ है, जिसका असर पूर्वांचल तक देखा गया।
???? किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
तेज हवाओं और वर्षा से सबसे ज्यादा नुकसान गेंहू की कटाई के बाद खेत में रखी फसल और आम के बौर को हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की मेहनत और लागत दोनों खतरे में पड़ गए हैं। कई जिलों में फसलों के सड़ने और गिरने की खबरें हैं।
???? मौसम कब होगा साफ?
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20 अप्रैल: तराई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना
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21 अप्रैल (सोमवार) से: मौसम साफ होगा, तापमान में बढ़ोतरी के साथ गर्मी दोबारा दस्तक देगी
????️ तापमान में होगी बढ़ोतरी, लू चलने की आशंका
जैसे ही मौसम साफ होगा, पारा चढ़ेगा और लू जैसी स्थितियां बन सकती हैं। मौसम विभाग ने किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है।
???? निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जहां एक ओर आम और गेहूं की फसल बर्बाद हुई, वहीं दूसरी ओर आने वाले दिनों में गर्मी का असर और अधिक तेज होने वाला है। सरकार से किसानों को राहत दिलाने की मांग भी उठने लगी है।



