गोंडा : गोंडा जिले के जिला मेडिकल कॉलेज परिसर में सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब विद्युत फीडर में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग रात करीब 12 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण भड़की और कुछ ही मिनटों में पूरा विद्युत केंद्र जलकर राख हो गया।
???? तेजी से फैली आग, फीडर पूरी तरह खाक
प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल कर्मियों के अनुसार, आग की शुरुआत कुछ चिंगारियों से हुई जो कुछ ही सेकंड में लपटों में बदल गईं। आग इतनी भीषण थी कि फीडर से सटे विजया बैंक भवन भी खतरे में आ गया था, लेकिन समय रहते आग वहां नहीं पहुंच सकी। पूरी घटना के दौरान अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई।
???? दमकल की टीम ने पाया काबू, नहीं हुआ कोई हताहत
मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन बिजली फीडर पूरी तरह नष्ट हो गया।
⚡ बिजली आपूर्ति बाधित, जनरेटर बना सहारा
घटना के चलते अस्पताल की नियमित बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इसके चलते आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और अन्य प्रमुख विभागों में सेवाएं बाधित हो गईं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने तत्काल जनरेटर से वैकल्पिक बिजली आपूर्ति शुरू कर दी, जिससे जरूरी सेवाएं जारी रखी जा सकीं।
???? प्रशासन और बिजली विभाग की टीम जांच में जुटी
घटना के बाद मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और अस्पताल प्रबंधन की टीमें नुकसान का आंकलन कर रही हैं। प्राथमिक तौर पर यह एक तकनीकी लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी का मामला प्रतीत होता है।
???? वीडियो वायरल, उठे सवाल
इस हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें तेज लपटें और धुआं साफ देखा जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से सवाल पूछे हैं कि इतने संवेदनशील संस्थान में अग्निसुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं थे?
????️ जल्द बहाल होंगी सेवाएं
बिजली विभाग का कहना है कि नई केबल और फीडर की व्यवस्था तेजी से की जा रही है। संभावना है कि अगले 24 घंटे में स्थायी बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
???? निष्कर्ष:
गोंडा मेडिकल कॉलेज की यह घटना यह दर्शाती है कि सरकारी संस्थानों में अग्निसुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता जरूरी है। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन अगर इस पर जल्द सख्त कदम न उठाए गए, तो भविष्य में यह चूक बड़ी कीमत ले सकती है।



