गोंडा : गोंडा के जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार देर शाम एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीएम डैशबोर्ड पर रैंकिंग सुधारना, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण और शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता बढ़ाना रहा।
???? विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा, प्रोजेक्टर पर प्रगति रिपोर्ट
बैठक के दौरान डीएम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सभी विभागों की योजनाओं की प्रगति देखी। जिन विभागों की समीक्षा की गई उनमें उद्योग, आबकारी, खनन, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक, खाद्य सुरक्षा, खाद्य एवं रसद, बाटमाप, मंडी और राजस्व विभाग शामिल रहे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सीएम डैशबोर्ड पर अपनी रैंकिंग को बेहतर बनाएं और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही न करें।
⚠️ लापरवाही पर होगी कार्रवाई, शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान जरूरी
डीएम ने चेतावनी दी कि रैंकिंग खराब होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा, “शिकायतकर्ता से संवाद कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वह पूरी तरह संतुष्ट है।” यह भी निर्देशित किया गया कि किसी भी फरियादी को बार-बार जिला मुख्यालय आने की नौबत न आए।
???? पुराने वादों का जल्द निस्तारण, राजस्व विभाग को सख्त निर्देश
डीएम ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी न्यायालय में पुराने मामले लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लंबित वादों का जल्द से जल्द निस्तारण करें और तहसील स्तर पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाएं।
???? निष्कर्ष:
गोंडा जिलाधिकारी नेहा शर्मा की यह सख्त और उद्देश्यपूर्ण समीक्षा बैठक दर्शाती है कि जिले में प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि सभी विभाग इन निर्देशों का पालन करते हैं, तो गोंडा न केवल सीएम डैशबोर्ड पर ऊंची रैंकिंग हासिल करेगा, बल्कि जनता का भरोसा भी और मजबूत होगा।



