गोंडा : सपा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर करणी सेना के कथित हमले के खिलाफ गोंडा में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें जलकल तिराहे पर रोक दिया। इसके बाद सपा नेताओं ने वहीं पर धरना दे दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
???? प्रदर्शन का कारण क्या था?
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सांसद रामजीलाल सुमन पर किया गया हमला दलित विरोधी मानसिकता का उदाहरण है और राज्य सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि करणी सेना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दलित जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
???? प्रदर्शन में कौन-कौन रहे शामिल?
प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष, नगर अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने किया। सैकड़ों कार्यकर्ता सपा के झंडे-बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और “दलित विरोधी सरकार मुर्दाबाद”, “योगी सरकार होश में आओ” जैसे नारे लगाए।
???? पुलिस ने कैसे किया नियंत्रण?
पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट गेट से पहले ही जलकल तिराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। विरोध के स्वर तेज होने पर प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने वहीं पर सड़क पर धरना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस धरने के कारण यातायात भी प्रभावित रहा।
????️ सपा नेताओं की मांगें:
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सांसद रामजीलाल सुमन पर हमले के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी
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करणी सेना पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई
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दलित नेताओं की सुरक्षा की गारंटी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सार्वजनिक माफी और जवाबदेही की मांग
???? राजनीतिक माहौल गर्म
गोंडा में सपा का यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश भर में दलित सुरक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दे को फिर से उभारने की कोशिश माना जा रहा है। पार्टी इस प्रकरण को चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति में भी जुटी दिख रही है।
???? निष्कर्ष:
गोंडा में हुए सपा प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक न्याय के मुद्दे कितने प्रभावशाली हैं। करणी सेना और सपा के बीच बढ़ते टकराव से यह साफ है कि आगामी समय में राजनीतिक तनाव और गहराएगा।



