गोंडा (उत्तर प्रदेश) : गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र में चल रहे 25 अवैध प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई का आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने इनमें से 22 स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में और 3 स्कूल कस्बा क्षेत्र में चिन्हित किए हैं, जिन पर जल्द ही सील की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
शिक्षा विभाग की एक जांच टीम ने पाया कि ये स्कूल बिना किसी मान्यता के वर्षों से संचालित हो रहे थे। न तो इनके पास शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र हैं, न ही बुनियादी सुविधाओं का पालन किया जा रहा था। कई स्कूल खतरनाक इमारतों में चल रहे थे, जहां बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी।
डीएम का सख्त रुख
डीएम नेहा शर्मा ने कहा, “शिक्षा का व्यवसायीकरण और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना मान्यता चलने वाले किसी भी स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा और संचालकों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
जनहित में चेतावनी जारी
प्रशासन की ओर से अभिभावकों को भी सतर्क किया गया है कि वे अपने बच्चों को सिर्फ मान्यता प्राप्त स्कूलों में ही दाखिला दिलाएं। साथ ही शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि जिले में चल रहे सभी प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट कर रिपोर्ट सौंपी जाए।
आगे की कार्रवाई
इन स्कूलों को जल्द ही सील कर दिया जाएगा और संबंधित थाना क्षेत्रों में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई स्कूल बिना मान्यता दोबारा संचालन न कर सके।
निष्कर्ष:
गोंडा के नवाबगंज क्षेत्र में प्रशासन की यह कार्रवाई बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम मानी जा रही है। इससे एक ओर जहां अवैध रूप से चल रहे शिक्षा माफियाओं पर शिकंजा कसेगा, वहीं दूसरी ओर अभिभावकों में भी सजगता और भरोसे का माहौल बनेगा।



