गोंडा : में जनसुनवाई का तरीका अब डिजिटल हो गया है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने 13 मई 2025 से एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत सभी तहसीलों के एसडीएम (सबसिडियरी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान करेंगे। इस पहल के चलते अब लोग अपने घर बैठे ही प्रशासन से जुड़ सकेंगे और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
डीएम नेहा शर्मा की डिजिटल पहल
गोंडा के जिलाधिकारी, नेहा शर्मा ने डिजिटल तरीके से जनसुनवाई का नया सिस्टम शुरू किया है, जिससे जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस पहल के तहत, हर तहसील के एसडीएम प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनता की शिकायतें सुनेंगे। यह डिजिटल प्रक्रिया जनहित में तेजी से समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम है।
एसडीएम से जुड़ेगा हर नागरिक
इस नई व्यवस्था के तहत गोंडा जिले के सभी एसडीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म पर जुड़कर आम जनता से संवाद करेंगे। जनता को अब किसी भी सरकारी दफ्तर में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वे अपने घर से ही अपने मुद्दों को एसडीएम तक पहुंचा सकेंगे और उनका समाधान पा सकेंगे। यह पहल डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को भी साकार करती है, जिससे प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा।
त्वरित समाधान की उम्मीद
यह पहल न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाएगी, बल्कि समय की बचत भी करेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिकायतों को जल्दी से सुना और निपटाया जा सकेगा, जिससे लोगों को त्वरित समाधान मिल सकेगा। अब लोग दूर-दराज से भी बिना किसी परेशानी के अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।
क्या है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का फायदा?
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई के कई फायदे हैं:
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समय की बचत: लोग घर बैठे ही अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।
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किसी भी स्थान से जुड़ाव: लोग दूर-दराज के क्षेत्रों से भी प्रशासन से संपर्क कर सकेंगे।
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त्वरित समाधान: शिकायतों का त्वरित समाधान होगा, क्योंकि एसडीएम सीधे वीडियो के माध्यम से शिकायतों को सुनेंगे।
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प्रशासन में पारदर्शिता: प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ेगी।
जनता का स्वागत
इस पहल के बारे में जनता ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई नागरिकों ने इसे एक बड़ी राहत बताया है, क्योंकि अब उन्हें शिकायतों के समाधान के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, इस पहल से प्रशासन और जनता के बीच संवाद का स्तर भी बढ़ेगा।
निष्कर्ष
गोंडा में डीएम नेहा शर्मा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनसुनवाई की यह नई पहल एक डिजिटल क्रांति का उदाहरण है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा, बल्कि जनता को भी उनकी समस्याओं के लिए त्वरित समाधान मिलेगा। यह पहल गोंडा जिले को डिजिटल इंडिया के मार्ग पर और भी मजबूती से आगे बढ़ाएगी।



