उत्तर प्रदेश : के गोंडा जिले में जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने विभागीय अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रगति का आकलन किया और खराब रैंकिंग वाले विभागों को कड़ी चेतावनी दी।
बैठक में किन विभागों की समीक्षा हुई?
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने प्रोजेक्टर के माध्यम से निम्नलिखित विभागों की प्रगति का मूल्यांकन किया:
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)
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जल निगम और जल जीवन मिशन
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पंचायती राज विभाग
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विद्युत विभाग
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पर्यटन विभाग
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बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग
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पशुपालन विभाग
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समाज कल्याण विभाग
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प्रोबेशन और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
खराब रैंकिंग वाले विभागों पर डीएम का सख्त रुख
जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी और कहा कि वे अपनी रैंकिंग में सुधार करें। उन्होंने विशेष रूप से एनआरएलएम, पंचायती राज, जल जीवन मिशन, पीडब्ल्यूडी, माध्यमिक शिक्षा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
डीएम ने दिए सुधार के निर्देश
डीएम नेहा शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
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विकास कार्यों की शत-प्रतिशत फीडिंग सीएम डैशबोर्ड पर सुनिश्चित की जाए।
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नियमित रूप से सीएम डैशबोर्ड की निगरानी की जाए।
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योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।
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कार्यों में आने वाली छोटी-छोटी कमियों पर भी ध्यान दिया जाए।
बैठक में शामिल अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
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जिला विकास अधिकारी: सुशील कुमार श्रीवास्तव
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परियोजना निदेशक डीआरडीए: चन्द्र शेखर
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डीपीआरओ: लालजी दूबे
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अन्य जिला स्तरीय अधिकारी
प्रशासनिक सख्ती से बढ़ेगी विकास योजनाओं की रफ्तार
जिलाधिकारी नेहा शर्मा की इस सख्त चेतावनी के बाद माना जा रहा है कि जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज योजनाओं का सही और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जाएगी।



