ज्येष्ठ मास : का दूसरा बड़ा मंगलवार गोंडा जिले में श्रद्धा, सेवा और समर्पण का अनुपम उदाहरण बनकर सामने आया। पूरे जिले में धार्मिक माहौल चरम पर रहा। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान हनुमान जी की आराधना की और दिनभर जगह-जगह लगे भव्य भंडारों में प्रसाद ग्रहण किया।
भक्तों की लंबी कतारें और गर्मी में भी अडिग आस्था
गोंडा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में स्थित प्रमुख मंदिरों जैसे रामजानकी मंदिर, संकटमोचन मंदिर, और हनुमान गढ़ी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। तेज धूप और गर्मी के बावजूद लोग घंटों कतारों में खड़े रहे और भक्ति में लीन होकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के आयोजकों ने ठंडे पेय, छाया की व्यवस्था और प्राथमिक उपचार केंद्र भी बनाए थे।
हर गली-मोहल्ले में सेवा का माहौल
भंडारों का आयोजन सिर्फ मंदिर परिसरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गली-मोहल्लों और चौराहों पर भी समाजसेवियों, युवाओं और स्थानीय समितियों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। पूड़ी-सब्ज़ी, हलवा और शरबत से लेकर कई प्रकार के व्यंजन भक्तों को परोसे गए।
सामाजिक समरसता का संदेश
इस अवसर पर समाज के हर वर्ग के लोगों ने भंडारे में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई जगहों पर मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने भी पानी वितरण और व्यवस्थाओं में सहयोग किया, जिससे गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल सामने आई।
सुरक्षा और प्रशासन की सक्रियता
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। जगह-जगह सुरक्षा कर्मी, महिला पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता तैनात रहे।
निष्कर्ष:
ज्येष्ठ मास के इस दूसरे बड़े मंगलवार को गोंडा जिले ने श्रद्धा, सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की। यह आयोजन न केवल धार्मिक भावना का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी सहयोग का संदेश भी देता रहा।



