गोंडा, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश पुलिस को गुरुवार रात एक बड़ी कामयाबी मिली जब गोंडा जिले में पुलिस मुठभेड़ में ₹1 लाख का इनामी कुख्यात अपराधी सोनू पासी ढेर कर दिया गया।
सोनू पिछले 23 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और उस पर लूट, डकैती, हत्या, और आर्म्स एक्ट के कुल 53 मुकदमे दर्ज थे।
अपराध की शुरुआत 2001 में
सोनू पासी ने 2001 में पहली चोरी की वारदात को अंजाम दिया था, जब वह महज 18 साल का था।
-
शुरुआत में वह शादी-समारोह वाले घरों को निशाना बनाता था।
-
धीरे-धीरे उसने अपना नेटवर्क बढ़ाया और बड़े अपराधों की ओर बढ़ गया।
-
गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, लखनऊ, बस्ती जैसे जिलों में उसका आतंक था।
पुलिस रिकॉर्ड में खौफ का नाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
-
सोनू पर 53 से अधिक गंभीर अपराध दर्ज थे
-
इनमें हत्या, डकैती, फायरिंग, और हथियारों की तस्करी शामिल थीं
-
वह चोरी के बाद हत्या करना भी शुरू कर चुका था ताकि कोई गवाह न बचे
ऐसे हुआ एनकाउंटर
गुरुवार रात पुलिस को सूचना मिली कि सोनू पासी गोंडा के पास जंगल क्षेत्र में छिपा हुआ है।
-
पुलिस ने घेराबंदी कर उसे सरेंडर करने को कहा
-
इस पर सोनू ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया
-
मौके से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किया गया
पुलिस की प्रतिक्रिया
गोंडा पुलिस अधीक्षक के अनुसार:
“सोनू पासी लंबे समय से वांछित था। उसकी गिरफ्तारी से अपराध के कई अनसुलझे केस खुल सकते थे, लेकिन एनकाउंटर के दौरान उसने आत्मसमर्पण नहीं किया। यह मुठभेड़ पूरी तरह कानून के दायरे में हुई है।”
इलाके में राहत की सांस
सोनू के मारे जाने के बाद स्थानीय लोगों में राहत का माहौल है।
-
व्यापारियों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई की प्रशंसा की
-
कई लोगों ने बताया कि सोनू डर का दूसरा नाम था, और उसकी वजह से कई इलाके रात में सुनसान हो जाते थे
निष्कर्ष
सोनू पासी की मौत के साथ ही गोंडा जिले के एक लंबे समय से फरार अपराधी अध्याय का अंत हो गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्ती और खुफिया तंत्र की सक्रियता ने यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे जितना पुराना हो, कानून का शिकंजा अंत में कस ही जाता है।



