गोंडा, उत्तर प्रदेश। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश सोनू पासी का अंतिम संस्कार मंगलवार देर रात सरयू नदी के किनारे स्थित कटरा घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिवारजन के साथ-साथ भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
सोनू पासी, करनैलगंज तहसील के ग्राम कादीपुर का निवासी था और उस पर हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट समेत कई संगीन मामले दर्ज थे। बीते रविवार को उमरी बेगमगंज क्षेत्र में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ में मारा गया।
परिवार की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार:
सूत्रों के अनुसार, देर रात करीब 12 बजे सोनू पासी का शव सरयू घाट लाया गया, जहां पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया। घाट पर पुलिस की सख्त निगरानी रही ताकि कोई अवांछित गतिविधि न हो सके।
कई जिलों में फैला था आपराधिक नेटवर्क:
सोनू पासी गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और अयोध्या जिलों में कई आपराधिक मामलों में वांछित था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह स्थानीय अपराधियों का सरगना बन चुका था और गैंग बनाकर वसूली और असलहों की तस्करी करता था।
एक लाख का इनाम और STF की नजर:
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोनू पासी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पिछले कुछ महीनों से STF उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मुखबिर की सूचना पर उमरी बेगमगंज इलाके में हुई मुठभेड़ में वह मारा गया।
पुलिस का बयान:
गोंडा पुलिस अधीक्षक के अनुसार:
“सोनू पासी जैसे अपराधी समाज के लिए खतरा होते हैं। उसके मारे जाने से क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगेगा और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।”
निष्कर्ष:
सोनू पासी की मौत से एक बड़ा आपराधिक चेहरा खत्म हो गया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि राज्य सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाए हुए है। अब देखना यह होगा कि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों पर कब कार्रवाई होती है।



