गोंडा: जिले के उपनिबंधक सदर कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर स्थानीय अधिवक्ताओं ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। बार एसोसिएशन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए 15 दिनों तक किसी भी रजिस्ट्री कार्य में हिस्सा न लेने का ऐलान किया है। इस कदम से रजिस्ट्री कार्यालय की गतिविधियाँ ठप होने का खतरा बन गया है।
अधिवक्ताओं का विरोध और भ्रष्टाचार के आरोप
गोंडा के अधिवक्ताओं का आरोप है कि उपनिबंधक कार्यालय में घूसखोरी और भ्रष्टाचार चरम पर है, जिसके कारण आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण न केवल काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
बार एसोसिएशन ने प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे अपने विरोध को और बढ़ाने के लिए भी तैयार हैं।
रजिस्ट्री सेवाओं पर पड़ेगा प्रभाव
अधिवक्ताओं द्वारा 15 दिनों तक रजिस्ट्री कार्यों में भाग न लेने के फैसले से गोंडा जिले में रजिस्ट्री से जुड़ी सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। इससे न केवल लोगों को दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने में परेशानी होगी, बल्कि भूमि एवं संपत्ति से जुड़े विवादों का समाधान भी देर से होगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
गोंडा प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे अपने विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से रखें और जल्द ही शिकायतों का समाधान किया जाएगा।



