गोंडा: जिले के उमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत दौलतपुरवा पासिनपुरवा गांव में 15 दिन पहले हुए जमीन विवाद के चलते घायल एक 60 वर्षीय बुजुर्ग दुखी राम यादव की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ गांव में बल्कि पूरे इलाके में सदमे और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
करीब पंद्रह दिन पहले जमीन के पुराने विवाद को लेकर गांव के ही कुछ लोगों ने दुखी राम यादव पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। मारपीट के दौरान बुजुर्ग की पसली में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और आखिरकार शुक्रवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस जांच में आई तेजी
उमरी थाना पुलिस ने बुजुर्ग की मौत के बाद मामला अब और गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार:
“घटना के संबंध में पूर्व में दर्ज मुकदमे में अब धारा 304 (ग़ैर इरादतन हत्या) जोड़ने की तैयारी की जा रही है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और जांच तेज कर दी गई है।”
परिवार का आरोप: दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
मृतक के परिजनों का कहना है कि:
“हमने पहले ही पुलिस को बताया था कि मारपीट में गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन मामले को हल्के में लिया गया। अब जब जान चली गई है, तो पुलिस को पूरी गंभीरता से जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए।”
गांव में तनाव, पुलिस की तैनाती
घटना के बाद दौलतपुरवा गांव में तनाव का माहौल है। किसी भी अनहोनी को टालने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। थाना प्रभारी उमरी ने बताया:
“स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, और किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
निष्कर्ष
गोंडा का यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जमीन विवादों में समय रहते सख्त कदम ना उठाने पर वे जानलेवा भी बन सकते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाते हैं।



