नई दिल्ली: 25 मई को आयोजित UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 (UPSC CSE Prelims 2025) ने इस बार अभ्यर्थियों को खासा चौंका दिया। जहां पहले पेपर यानी GS Paper 1 में कुछ टॉपिक्स अपेक्षाकृत आसान रहे, वहीं दूसरा पेपर CSAT (Paper 2) अभ्यर्थियों के लिए असली चुनौती बनकर सामने आया।
CSAT का पेपर रहा समय-साध्य और पेचीदा
इस बार CSAT में लॉजिकल रीजनिंग और कॉम्प्रिहेंशन सेक्शन खासतौर पर मुश्किल रहा।
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कई छात्रों ने शिकायत की कि पेपर बहुत लेंदी था और टाइम मैनेजमेंट में समस्या हुई।
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मैथ्स सेक्शन में कुछ सवालों में पेचीदगी और ट्रिकी अप्रोच देखी गई।
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यहां तक कि इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन भी सरप्राइजिंग रहा, जिसमें डिटेल में पढ़े बिना उत्तर निकालना मुश्किल था।
GS Paper 1 में मॉडर्न हिस्ट्री और एनवायर्नमेंट ने उलझाया
GS Paper 1 में भी सवाल सीधे न होकर, विश्लेषणात्मक और ट्रिकी थे:
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मॉडर्न हिस्ट्री के सवालों में विकल्पों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही।
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एनवायर्नमेंट और करंट अफेयर्स के सवाल इंटरडिसिप्लिनरी नेचर के थे, जिससे स्टूडेंट्स को उलझन हुई।
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इस बार स्टैटिक जीके के बजाय करंट और एप्लिकेशन-बेस्ड सवालों की संख्या ज्यादा रही।
संभावित कट-ऑफ में आ सकती है गिरावट
विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर की कठिनता को देखते हुए इस साल जनरल कैटेगरी के लिए कट-ऑफ 82–85 के बीच रहने की संभावना है, जो पिछले वर्षों से 3–5 अंक कम है।
CSAT क्वालिफाइंग नेचर का होता है लेकिन इस बार इसके मुश्किल होने से कई छात्रों का फाइनल सेलेक्शन प्रभावित हो सकता है।
छात्रों की प्रतिक्रियाएं
“GS manageable था लेकिन CSAT ने दिमाग घुमा दिया। मैं खुद को मैथ्स में अच्छा मानता था, लेकिन 2 घंटे कैसे निकल गए, पता ही नहीं चला।”
— अनिरुद्ध, दिल्ली स्थित कोचिंग छात्र
“मॉडर्न हिस्ट्री के सवाल इतने घुमा-फिराकर पूछे गए कि पढ़ा हुआ सब डगमगाने लगा।”
— प्रियंका, लखनऊ से एस्पिरेंट
विशेषज्ञों की राय
UPSC Mentors और टीचर्स का कहना है कि यह परीक्षा UPSC की क्लासिक स्टाइल में डिज़ाइन की गई थी, जहां केवल रटने वाले नहीं, बल्कि कॉनसेप्टचुअल और विश्लेषणात्मक सोच रखने वाले ही सफल होंगे।
निष्कर्ष
UPSC CSE 2025 Prelims ने इस बार यह साफ कर दिया कि अब केवल पढ़ना काफी नहीं, बल्कि समझ और प्रैक्टिकल एप्लिकेशन भी जरूरी है। CSAT की कठिनता और GS के ट्रिकी सवाल आने वाले वर्षों के उम्मीदवारों के लिए एक संकेत है कि उन्हें अपनी तैयारी के स्तर को और ऊंचा उठाना होगा।



