गोंडा: जिले के करनैलगंज में शुक्रवार को पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन विकासखंड कार्यालय और नगर पालिका परिषद करनैलगंज के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता, और रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन मूल्यों पर विशेष चर्चा की गई।
172 महिला समूहों को मिला 2.58 करोड़ रुपये का सहयोग
इस आयोजन की सबसे अहम उपलब्धि रही 172 महिला स्वयं सहायता समूहों को 2.58 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का वितरण।
यह सहायता ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, उनके रोज़गार सृजन और सामुदायिक विकास के उद्देश्य से प्रदान की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक अजय सिंह ने मंच से संबोधित करते हुए कहा:
“रानी अहिल्याबाई होल्कर ने समाज में महिलाओं को सम्मान और नेतृत्व का जो स्थान दिलाया, वह आज भी हमारी प्रेरणा है। वर्तमान सरकार महिलाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”
मंत्री की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय
हालांकि, कार्यक्रम में मंत्री स्तर के किसी भी जनप्रतिनिधि के न पहुंचने से कुछ लोगों में नाराजगी देखी गई।
कार्यक्रम की पहले से घोषित रूपरेखा में मंत्रियों की उपस्थिति की बात कही गई थी, लेकिन उनकी अनुपस्थिति स्थानीय लोगों में मायूसी का कारण बनी।
हालांकि, विधायक अजय सिंह की सक्रिय और ऊर्जावान भागीदारी से कार्यक्रम में जोश बना रहा और आयोजन सफलतापूर्वक आगे बढ़ा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी ऐतिहासिक झलक
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे।
विशेष रूप से रानी अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित झांकियां और गीतों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम
इस आयोजन का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं था, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में ठोस पहल करना भी था।
सरकारी योजनाओं के प्रति महिलाओं को जागरूक किया गया और स्वयं सहायता समूहों के लाभ और उनके संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
निष्कर्ष: सम्मान और सशक्तिकरण की मिसाल बना कार्यक्रम
करनैलगंज में रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया।
विधायक अजय सिंह की भागीदारी, महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।



