गोंडा: विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर गोंडा जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल करते हुए जिले में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान की शुरुआत 1 जून 2025 से होगी और यह 5 जून 2025 तक चलेगा।
जिले की जिलाधिकारी नेहा शर्मा के नेतृत्व में इस विशेष स्वच्छता कार्यक्रम के तहत 250 गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट्स (GVPs) को चिन्हित किया गया है, जिन पर प्राथमिकता के साथ सफाई की जाएगी और उन्हें एक नया, स्वच्छ रूप दिया जाएगा।
250 गंदगी स्थलों की होगी सफाई
अभियान का उद्देश्य गोंडा को कचरामुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। जिला प्रशासन ने गहराई से सर्वे कर उन 250 स्थलों की पहचान की है जहां लंबे समय से गंदगी, कूड़ा और कचरा जमा है।
इन जगहों को साफ करने के साथ-साथ जनभागीदारी से सजाया भी जाएगा—जैसे कि रंगाई-पुताई, प्लांटेशन और दीवार लेखन आदि।
“सिर्फ सफाई नहीं, जनता को जोड़ना भी लक्ष्य”: डीएम
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अभियान के संबंध में कहा—
“हम इस अभियान को सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रखेंगे। हम चाहते हैं कि गोंडा के नागरिक खुद इस मुहिम से जुड़ें और स्वच्छता को अपना दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जागरूकता, दोनों इस अभियान के केंद्र में हैं।”
व्यापक रणनीति तैयार
जिले में ब्लॉक, नगर निकाय और ग्राम पंचायत स्तर पर टीमें गठित की गई हैं जो इन गार्बेज प्वाइंट्स को साफ करने की जिम्मेदारी निभाएंगी। प्रत्येक स्थल की पूर्व और पश्चात तस्वीरें ली जाएंगी ताकि परिवर्तन को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जा सके।
इस पहल को सफल बनाने के लिए NSS, स्कूली छात्र, सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अभियान में जोड़ा गया है।
पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता भी साथ
स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर रहेगा। अभियान के दौरान पौधारोपण, पर्यावरण रैली, नुक्कड़ नाटक और दीवार चित्रण जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य जनता को ग्रीन गोंडा मिशन से जोड़ना है।
निष्कर्ष
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गोंडा में चलने वाला यह विशेष स्वच्छता अभियान सिर्फ एक सफाई मुहिम नहीं, बल्कि एक परिवर्तन की पहल है जो शहर के हर कोने को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।



