गोंडा: गोंडा जिले में एक बार फिर भूमि घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के तिवारी पुरवा निवासी विंध्यवेद्र मिश्रा उर्फ सत्यम मिश्रा की शिकायत पर पुलिस ने भोलू सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
फर्जी बैनामा के जरिए की गई जमीन पर कब्जे की कोशिश
शिकायतकर्ता सत्यम मिश्रा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आरोपियों ने जालसाजी कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक जमीन का बैनामा तैयार कराया, जबकि वह भूमि मूल रूप से उनके स्वामित्व में थी। आरोप है कि बैनामे में नकली हस्ताक्षर और फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग किया गया।
आरोपियों में कौन-कौन शामिल?
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार मुकदमे में जिन पांच लोगों को नामजद किया गया है, उनमें मुख्य रूप से भोलू सिंह, जो कथित रूप से स्थानीय भूमाफिया है, और उसके चार साथी शामिल हैं। इन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच, दस्तावेजों की होगी फॉरेंसिक जांच
नगर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा—
“प्रारंभिक जांच में फर्जी दस्तावेजों के संकेत मिले हैं। संबंधित भूमि अभिलेख, बैनामा रजिस्ट्री और पहचान प्रमाण पत्रों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।”
पीड़ित बोले- न्याय की उम्मीद है
पीड़ित सत्यम मिश्रा का कहना है—
“यह सिर्फ मेरे साथ नहीं, बल्कि और भी कई लोगों के साथ ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। मुझे भरोसा है कि प्रशासन और न्यायपालिका इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।”
जिले में लगातार सामने आ रहे हैं भूमि विवाद
गौरतलब है कि गोंडा जिले में पिछले कुछ महीनों से भूमि विवादों और जालसाजी के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। फर्जी दस्तावेजों और नकली खरीदारों के माध्यम से भूमि कब्जे की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों में रोष है।
प्रशासन और पुलिस पर निगाहें
जनता की नजर अब प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है। यदि इस मामले में सख्त और उदाहरणीय कार्रवाई होती है, तो आने वाले समय में ऐसे मामलों पर अंकुश लग सकता है।



