गोंडा: जिले के परसपुर थाना क्षेत्र के हाथीबोर सकरौर गांव से पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हाथापाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना में डायल-112 पर तैनात पुलिसकर्मी और एक युवक के बीच तीखी झड़प देखी गई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
घटना का क्रम: शिकायत पर पहुंची थी पुलिस
यह मामला तब सामने आया जब लखनऊ निवासी राम भवन ने डायल-112 को फोन कर सूचना दी कि उनके गांव में विपक्षी पक्ष के श्रवण कुमार ने उनके घर पर तोड़फोड़ की है और मारपीट की है। सूचना मिलते ही पुलिस की PRV टीम हाथीबोर सकरौर गांव पहुंची और श्रवण कुमार से पूछताछ शुरू की।
नशे में युवक ने पुलिस पर किया हमला
पूछताछ के दौरान नशे में धुत श्रवण कुमार ने लाठी लेकर पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इस दौरान उसने डायल-112 की टीम के दीवान गिरजा शंकर समेत पुलिसकर्मियों से मारपीट की। घटना का तनाव बढ़ने पर गांव के कई अन्य पुरुष और महिलाएं भी मारपीट में शामिल हो गए।
बाल पकड़कर की गई कोशिश नियंत्रण की
पुलिसकर्मी गिरजा शंकर ने युवक के बाल पकड़कर उसे शांत करने की कोशिश की, लेकिन इससे विवाद और भी भड़क गया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच हाथापाई और छीना-झपटी साफ दिखाई दे रही है। इस झड़प में गिरजा शंकर को हाथ, गले और आंख के पास चोटें आई हैं।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया हिरासत में
हाथापाई के बाद जिला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। परसपुर थाना अध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी के साथ हुई मारपीट गंभीर मामला है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो से बढ़ी चिंता
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे जिले में तनाव फैल गया। पुलिस ने अतिरिक्त जवान गांव भेजकर स्थिति को नियंत्रित किया। उग्र स्थिति को देखते हुए डायल-112 की टीम को भी वहां से वापस लौटना पड़ा।
निष्कर्ष:
गोंडा जिले में पुलिस और ग्रामीणों के बीच ऐसी झड़पें कानून-व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत हैं। पुलिसकर्मियों के प्रति हिंसा न केवल उनकी सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



