गोंडा: जिले में भाजपा के जिला अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप से जुड़े वायरल वीडियो की जांच फिलहाल सुस्त पड़ गई है। मनकापुर कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक हरिश्चंद्र भारती इस मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद एक महिला ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है जिसमें छवि खराब करने और गलत आरोप लगाने का आरोप शामिल है।
जांच अधिकारी ने मांगी भाजपा कार्यालय की CCTV फुटेज
विवेचक ने अब तक जिला अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप और शिकायतकर्ता महिला के बयान दर्ज कर लिए हैं। जांच को और गहराई देने के लिए उन्होंने भाजपा कार्यालय की CCTV फुटेज की मांग की है। विशेष तौर पर 11 से 13 अप्रैल के बीच की रिकॉर्डिंग जांच अधिकारी को चाहिए, ताकि वीडियो के संदर्भ और वास्तविकता का पता लगाया जा सके।
पासवर्ड न मिलने से फुटेज नहीं मिल पाई
जांच अधिकारी दो बार भाजपा कार्यालय जा चुके हैं, लेकिन कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग तक पहुंचने में बड़ी समस्या आ रही है। कारण है पासवर्ड की अनुपलब्धता। जिला अध्यक्ष ने कैमरे के ऑपरेटर को पासवर्ड तोड़ने के लिए कहा था, लेकिन व्यस्तता के चलते यह काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसी वजह से जांच में देरी हो रही है।
भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने जिला अध्यक्ष को दिया नोटिस
25 मई को सोशल मीडिया पर भाजपा जिला अध्यक्ष का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक महिला के साथ नजर आए थे। वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने अमर किशोर कश्यप को नोटिस जारी किया था। उन्होंने नोटिस का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई अनुचित हरकत नहीं की है। उनका कहना है कि महिला को चक्कर आने पर मदद की थी और वीडियो को उनकी छवि खराब करने के लिए वायरल किया गया है।
जिला अध्यक्ष का बयान
अमर किशोर कश्यप ने जांच के दौरान कहा, “मैंने किसी भी प्रकार की गलत हरकत नहीं की। महिला को चक्कर आने के कारण मैंने केवल उनका सहयोग किया था। यदि मैंने मदद नहीं की होती तो महिला गिर सकती थी और चोट लग सकती थी। मेरे खिलाफ यह वीडियो वायरल कर मेरी छवि खराब करने का प्रयास किया गया है।”
आगे की कार्रवाई
जांच अधिकारी अब जल्द से जल्द CCTV फुटेज हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके। इससे पहले वीडियो वायरल होने पर राजनीतिक दलों में भी हलचल मची थी और इस घटना ने गोंडा में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। जांच के निष्पक्ष परिणाम आने के बाद ही इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई हो सकेगी।
निष्कर्ष:
गोंडा में भाजपा जिलाध्यक्ष से जुड़े इस वीडियो विवाद ने क्षेत्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाए गए हालात की पुष्टि के लिए पुलिस की जांच अहम है। CCTV फुटेज के बिना पूरी तस्वीर स्पष्ट करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का प्रयास जारी है।



