गोंडा | देवीपाटन मंडल के गोंडा में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में IGRS शिकायतों के निस्तारण को लेकर कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त हिदायतें दी हैं। बता दें कि IGRS पोर्टल पर शिकायतों के समाधान में देवीपाटन मंडल ने इस बार पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। अब इस स्थिति को बनाए रखने और बेहतर बनाने की दिशा में प्रशासन और गंभीर हो गया है।
शिकायतकर्ता का फीडबैक बना मापदंड
मंडलीय आयुक्त ने बैठक में स्पष्ट किया कि IGRS पर दर्ज की गई किसी भी शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता के संतोष के आधार पर ही मान्य होगा। यदि फीडबैक संतोषजनक नहीं आता है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं प्रतिदिन शिकायतों की मॉनिटरिंग करता है, ऐसे में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गलत विभाग में न भेजें शिकायत, न ही रखें लंबित
बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई शिकायत उनके विभाग से संबंधित नहीं है, तो उसे तुरंत संबंधित विभाग को ट्रांसफर किया जाए। गलत विभाग में लंबित रखने या औपचारिकतावश निस्तारण करने पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों की आख्या तभी अपलोड की जाए जब वह संतोषजनक हो।
कंप्यूटर ऑपरेटरों को दिलाया जाएगा प्रशिक्षण
बैठक में अपर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों को IGRS संदर्भों की श्रेणीबद्ध व्यवस्था और निस्तारण प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाए। यदि कोई ऑपरेटर अप्रशिक्षित है, तो उसे कमिश्नर कार्यालय के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा ताकि शिकायतें सही ढंग से और समयबद्ध निस्तारित की जा सकें।
निष्कर्ष:
देवीपाटन मंडल की सफलता सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, अब प्रशासनिक मशीनरी उसे गुणवत्ता के साथ बनाए रखने की दिशा में पूरी ताकत से जुट गई है। आईजीआरएस पोर्टल के जरिए जनता की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है, और इस दिशा में अब लापरवाही पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी।



