125 किमी पैदल चलकर सीएम योगी को करेंगे जलाभिषेक

गोंडा | बढ़ती स्कूल फीस और निजी शैक्षणिक संस्थानों की मनमानी के विरोध में राष्ट्रीय छात्र पंचायत के बैनर तले गोंडा में छात्रों ने अनोखा आंदोलन शुरू किया है। छात्रों ने कांवड़ यात्रा के रूप में 125 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जलाभिषेक कर फीस नियंत्रण कानून लागू करने की मांग करने का संकल्प लिया है।


गांधी पार्क से हुई यात्रा की शुरुआत

यात्रा की शुरुआत गोंडा के गांधी पार्क से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद की गई। हाथों में तिरंगा और “फीस नियंत्रण बिल लाओ, शिक्षा को व्यवसाय मत बनाओ” जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर छात्र-छात्राओं ने पैदल यात्रा शुरू की। यात्रा का नेतृत्व राष्ट्रीय छात्र पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता कर रहे हैं।


क्या है छात्रों की मुख्य मांग?

छात्रों का आरोप है कि:

  • निजी स्कूल बिना किसी नियंत्रण के मनमानी फीस वसूलते हैं।

  • पढ़ाई के नाम पर अनावश्यक चार्जेस और किताब-कॉपी माफिया से अभिभावक त्रस्त हैं।

  • राज्य सरकार को एक स्पष्ट फीस नियंत्रण कानून लागू करना चाहिए, जैसा कुछ अन्य राज्यों में है।


छात्रों की बात

राष्ट्रीय छात्र पंचायत के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा:

“हम यह यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि आम छात्रों और अभिभावकों की पीड़ा को सामने रखने के लिए कर रहे हैं। यदि सरकार शिक्षा को मुनाफाखोरी से मुक्त नहीं करती, तो यह आंदोलन और तेज होगा।”


प्रशासन की सतर्कता

यात्रा के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद है। छात्रों को शांतिपूर्ण यात्रा की अनुमति दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


क्या है जलाभिषेक का प्रतीक?

छात्रों ने कहा कि जलाभिषेक एक प्रतीकात्मक कार्य है, जिसमें वे सीएम योगी को गंगाजल अर्पित कर शिक्षानीति में शुद्धता और पारदर्शिता की मांग रखेंगे। उनका कहना है कि जैसे कांवड़िए शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं, वैसे ही वे योगी सरकार को नीतिगत शुद्धिकरण का संदेश देना चाहते हैं।


निष्कर्ष

यह छात्र आंदोलन एक बार फिर शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं को उजागर कर रहा है। गोंडा से लखनऊ तक का यह 125 किमी का सफर सिर्फ पैरों का नहीं, बल्कि आवाज उठाने का एक जीवंत उदाहरण बन रहा है। क्या सरकार इस शांतिपूर्ण और रचनात्मक विरोध पर सकारात्मक कदम उठाएगी?

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