गोंडा: जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नतीजतन, तरबगंज और कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के कई गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
प्रभावित गांव और हालात
तरबगंज के ब्योन्दा माझा, बहादुरपुर और कर्नलगंज के नखरा गांव पूरी तरह से पानी से घिरे हुए हैं। यहां के मुख्य मार्ग और चारों तरफ पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग टूट चुका है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 10 हजार से अधिक लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
प्रशासन की चुनौतियां
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। हालांकि, लगातार बढ़ते पानी के कारण राहत पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। गांवों तक पहुंचने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। कई घरों में पानी भर चुका है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों की समस्याएं
बाढ़ के चलते खाद्य सामग्री, पीने का पानी और दवाइयों की भारी किल्लत हो रही है। स्कूल और पंचायत भवनों में अस्थायी शरणस्थल बनाए गए हैं, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण लोग परेशान हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में गोंडा और आसपास के जिलों में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है।



