यूपी सरकार मिशन मोड में: युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण व नियुक्ति योजनाएं लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने देश के सबसे अधिक युवाओं वाले प्रदेश की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मिशन मोड में कई महत्वाकांक्षी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।


 286 आईटीआई में 1.84 लाख प्रशिक्षण सीटें

प्रदेश के 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में

  • 92 ट्रेड संचालित

  • कुल 1,84,280 प्रशिक्षण सीटें उपलब्ध

  • मासिक शुल्क केवल ₹40 रखी गई ताकि आर्थिक रूप से कमजोर युवा भी लाभान्वित हो सकें।

  • करीब 3000 निजी आईटीआई में 6 लाख अतिरिक्त सीटें मौजूद, जहां फीस प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।


✅ 1510 अनुदेशक नियुक्त, शेष 341 पदों का परिणाम जल्द

वर्ष 2025 में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से 1510 अनुदेशकों का चयन किया गया।

  • शेष 341 पदों का परिणाम शीघ्र घोषित होने की संभावना है।

  • कुल मिलाकर 7768 अनुदेशक पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 6577 नियमित और 1191 आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति की जा चुकी है।


5000 करोड़ की परियोजना से ITI का उन्नयन

टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और विश्वस्तरीय कंपनियों के सहयोग से:

  • प्रथम चरण में 150 आईटीआई का उन्नयन किया गया।

  • 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए गए।

  • हर साल 15 हजार से अधिक युवा प्रशिक्षित।

  • परियोजना लागत: लगभग ₹5000 करोड़।

  • इसके अतिरिक्त, 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन को भी स्वीकृति दी गई है, जिस पर ₹3350 करोड़ व्यय होंगे।


???? कौशल विकास मिशन से 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से:

  • 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया।

  • 5.65 लाख युवा रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े।

  • 1000 से अधिक प्रशिक्षण पार्टनर्स और 350 से अधिक कोर्सेस उपलब्ध।

  • फ्लेक्सी ट्रेनिंग पार्टनर्स के माध्यम से उद्योगों से सीधे जोड़ने की व्यवस्था।


???? प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना: 1.20 लाख पारंपरिक कारीगर लाभान्वित

  • 1.20 लाख पारंपरिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान।

  • अर्ह लाभार्थियों को ₹1 लाख ब्याजमुक्त ऋण भी दिया गया।


???? प्रोजेक्ट प्रवीण: 20 हजार छात्रों को राष्ट्रीय प्रमाणपत्र

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू प्रोजेक्ट प्रवीण में:

  • कक्षा 9 से 12 के छात्रों को प्रतिदिन 90 मिनट का कौशल प्रशिक्षण।

  • अब तक 20 हजार छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान।


???? ग्रामीण युवाओं को दी जा रही सशक्तिकरण की सौगात

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के माध्यम से पिछले आठ वर्षों में:

  • 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया।

  • 1.30 लाख को सेवायोजित किया गया।

  • प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 500 प्रतिष्ठित कंपनियों में 2.50 हजार से अधिक युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर।

  • मासिक मानदेय ₹5000।


???? रोजगार मेलों से अब तक 4.13 लाख को नौकरी

  • 1736 रोजगार मेला आयोजित।

  • 2537 कंपनियों में 4.13 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी का अवसर।


निष्कर्ष:

उत्तर प्रदेश सरकार के ये समर्पित प्रयास यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार रोजगार और कौशल विकास को प्राथमिकता पर रखकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हुई है। सरकार की ये योजनाएं न केवल भविष्य की तकनीकों में युवाओं को दक्ष बना रही हैं, बल्कि देश के विकास में भी नए आयाम जोड़ रही हैं। प्रदेश की युवा शक्ति अब पूर्ण रूप से सशक्त बन रही है।

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