गोंडा ट्रेन हादसे में बर्खास्त की-मैन आसने को 14 माह बाद बहाल: वेतनमान घटाकर दी गई पुनः नियुक्ति

गोंडा। गोंडा में जुलाई 2024 में हुए ट्रेन हादसे को लेकर विवादित बर्खास्तगी के बाद 14 माह बीतने के बाद की-मैन आसने को रेलवे विभाग ने पुनः बहाल कर दिया है। इस बहाली का आदेश रेलवे प्रशासन ने हाल ही में जारी किया। आज से आसने ने फिर से अपनी ड्यूटी शुरू कर दी है। हालांकि, प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए उनके वेतनमान को ₹2400 से घटाकर ₹1800 ग्रेड पे कर दिया है।

ट्रेन हादसे की पृष्ठभूमि

18 जुलाई 2024 को गोंडा जिले में एक ट्रेन दुर्घटना हुई थी, जिसमें यात्रियों की जान जोखिम में पड़ी थी। हादसे के बाद जांच में सामने आया कि की-मैन आसने की लापरवाही के चलते इस दुर्घटना को टाला नहीं जा सका। मामले के खुलासे के बाद विभाग ने तत्कालीन आदेश के तहत उन्हें बर्खास्त कर दिया था।

ऑडियो सामने आने के बाद कार्रवाई

बर्खास्तगी के बाद हाल ही में की-मैन आसने से जुड़ा एक ऑडियो सामने आया, जिसमें उनके बचाव में महत्वपूर्ण बातें कही गईं। इस ऑडियो के आधार पर रेलवे विभाग ने पुनः विचार करते हुए उनकी बहाली का फैसला किया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह बहाली पूरी तरह से जांच और नियमों के तहत की गई है।

वेतनमान में कटौती

पुनः बहाली के बाद की-मैन आसने का वेतनमान घटाकर ₹1800 ग्रेड पे किया गया है, ताकि भविष्य में इसी तरह की लापरवाही न हो। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कदम एक सख्त संदेश है कि कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरा निर्वाह करना चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा

रेलवे विभाग ने इस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था में कई नए कदम उठाए हैं। दुर्घटना की गहराई से जांच कर अतिरिक्त सुरक्षा मानकों को लागू किया गया है। सभी की-मैन और कर्मचारियों को नए दिशा-निर्देश और ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

गोंडा के स्थानीय नागरिकों ने इस बहाली पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोग इसे न्यायिक सुधार मानते हैं, तो वहीं कई लोग विभाग की कार्रवाई को उचित नहीं मान रहे। नागरिकों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।


निष्कर्ष:
गोंडा ट्रेन हादसे में बर्खास्त की-मैन आसने की बहाली पर विवाद जारी है। प्रशासन ने ऑडियो सबूत और पूरी जांच प्रक्रिया के बाद यह कदम उठाया है। वेतनमान में कटौती और ड्यूटी पर पुनः बहाली को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि रेलवे विभाग ने संतुलित कार्रवाई का प्रयास किया है। आने वाले समय में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सख्त मानक लागू किए जा रहे हैं, ताकि यात्री और कर्मचारी दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top