गोंडा। जिले में हाल ही में गोंडा हॉस्पिटल में दो बच्चों की मौत की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख अधिकारी सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा के विवादित बयान ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। सीएमओ ने कहा, “एक बच्चा मर गया तो क्या हो गया। हजारों जिंदा हैं, जाकर लड्डू खाइए।”
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग भड़क गए और अधिकारियों को हटाने की मांग करने लगे। लोगों ने इसे संवेदनहीन और अनैतिक बताया, खासकर जब बच्चों की मौत जैसे संवेदनशील मामले में ऐसा बयान सामने आया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
सीएमओ के बयान के बाद ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोंडा की जनता और विभिन्न सामाजिक संगठन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। लोग मांग कर रहे हैं कि डॉ. रश्मि वर्मा को उनके पद से हटाया जाए और बच्चों की मौत की उचित जांच हो।
प्रशासन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी। राजनीतिक दलों ने भी बयान पर चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजपा युवा मोर्चा और अन्य नागरिक समूहों ने सीएमओ के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
निष्कर्ष:
गोंडा में हुई यह घटना यह दर्शाती है कि संवेदनशील मामलों में अधिकारियों के बयान जनता की भावनाओं को भड़काने का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में जवाबदेही और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।



