गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बड़े पैमाने पर हुए जमीन फर्जीवाड़े के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW Lucknow) ने मंगलवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की है।
टीम ने फर्जी बैनामों के जरिए जमीनों पर कब्जा करने वाले आरोपी अम्बिका प्रसाद को गिरफ्तार किया है।
अम्बिका प्रसाद मटेहरा थाना खरगूपुर नगर का निवासी है और वर्तमान में छेदी पूर्वा बड़गांव, गोंडा में रह रहा था।
???? फर्जी दस्तावेजों से जमीनों पर कब्जा
EOW के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अम्बिका प्रसाद ने गोंडा उपनिबंधन कार्यालय सदर के अभिलेखागार (Record Room) में मूल दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर फर्जी अभिलेख तैयार किए।
इन नकली दस्तावेजों के आधार पर उसने फर्जी प्रमाणित प्रतियों का उपयोग कर कई जमीनों पर अवैध कब्जा किया।
जांच के दौरान, जिन प्लॉट नंबरों और पते पर बैनामा दर्शाए गए थे, वे पूरी तरह फर्जी पाए गए। इससे यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से ये काम किया, जिसमें कई अभिलेख कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
???? EOW ने अब तक दर्जनों आरोपियों को जेल भेजा
गोंडा की नगर कोतवाली में जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर इन सभी मामलों की जांच एसआईटी लखनऊ (Special Investigation Team) को सौंपी गई है।
EOW की टीम अब तक एक दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि कई अन्य की तलाश जारी है।
???? पूछताछ में कई अहम खुलासे
गिरफ्तारी के बाद अम्बिका प्रसाद से की गई पूछताछ में अभिलेखागार में छेड़छाड़ की तकनीक और अन्य सहयोगियों के नाम सामने आए हैं।
EOW के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने कबूल किया है कि वह लंबे समय से दस्तावेजों में बदलाव कर उन्हें फर्जी बनवाकर बेचने के धंधे में सक्रिय था।
टीम ने उसके पास से कई नकली दस्तावेज, सील और प्रमाण पत्र की प्रतियां बरामद की हैं।
???? EOW की आगे की कार्रवाई जारी
EOW अधिकारियों ने बताया कि गोंडा में जमीन फर्जीवाड़े का यह नेटवर्क बहुस्तरीय है, जिसमें अभिलेख विभाग, बिचौलियों और दलालों की मिलीभगत से कई करोड़ रुपये के घोटाले की संभावना है।
टीम ने कई और संदिग्धों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं।
आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया, वहीं EOW ने उसके सहयोगियों के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।



